सोनभद्र नरसंहार: मुख्य आरोपी ‘ग्राम प्रधान’ यज्ञदत्त भुर्तिया गिरफ्तार

प्रधान यज्ञदत्त भुर्तिया ने सोनभद्र में दो साल पहले खरीदी 90 बीघा जमीन पर अपने समर्थकों के साथ कब्जा करने गया था.
Sonbhadra case, सोनभद्र नरसंहार: मुख्य आरोपी ‘ग्राम प्रधान’ यज्ञदत्त भुर्तिया गिरफ्तार

लखनऊ: 17 जुलाई को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए नरसंहार मामले के मुख्य अरोपी ग्राम प्रधान यज्ञदत्त भुर्तिया (गुर्जर) को पुलिस ने घोरावल कोतवाली के उम्भा से गिरफ्तार किया है.

इस नरसंहार में घायल हुए 4 लोगों का इलाज ट्रामा सेंटर और 24 घायलों का इलाज संयुक्त जिला चिकित्सालय में चल रहा है.

प्रशासन की तरफ से पीड़ित पक्ष के मृतकों के परिजन को 10 बीघा और घायलों के परिजन को 5 बीघा जमीन दी जाने की घोषणा की गई है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 30 ट्रैक्‍टर-ट्राली पर 300 के आसपास लोग सवार होकर अचानक गांव में दाखिल हुए. इनमें से किसी के हाथ में डंडे और हंसिया थे तो कोई कट्टे और बंदूकें लेकर आया था. पहले तो ऐसा लगा जैसे ये सब किसी कार्यक्रम में जा रहे हों. लेकिन हथियारों से लैस लोग सीधे गांव की एक 90 बीघा जमीन पर जा पहुंचे और फिर बवाल शुरू हो गया.

उन्होंने बताया कि प्रधान यज्ञदत्त भुर्तिया ने दो साल पहले वहीं पर 90 बीघे जमीन खरीदी जिस पर अपने समर्थकों के साथ कब्जा करने गया था. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. इसके बाद बवाल हो गया. ये बवाल देखते ही देखते नरसंहार में बदल गया.

जमीनी विवाद को लेकर हुए नरसंहार में पुलिस ने 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को इस नरसंहार में इस्तेमाल असलहे भी बरामद हुए हैं. गिरफ्तारी ग्राम प्रधान के भतीजे सहित 12 लोगों की हुई है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है.

सोनभद्र के जमीनी विवाद की वारदात में 10 लोगों की मौत हो गई. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिसमें कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. आईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि घटना ग्रामसभा मूर्तिया के गांव उम्भा की है.

सोनभद्र के घोरावल थाना इलाके में हुए नरसंहार में पुलिस ने अभी तक 27 लोगों को नामजद और 60 पर अज्ञात मामला दर्ज किया है. पुलिस ने अभी तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस हत्या नरसंहार में इस्तेमाल किए गए दो असलहों को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.

वहीं, जिला अस्पताल में आये 9 मृतकों का पोस्टमार्टम रात में करा लिया गया है. इस समय जिला अस्पताल छावनी के रूप में तब्दील हो गया है. गांव की बिगड़ी व्यवस्था को देखते हुए पर्याप्त फोर्स लगाई गई हैं.

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