संस्कृत प्रोफेसर फिरोज ने छोड़ा बनारस, समर्थन में उतरे बीएचयू छात्र

बसपा प्रमुख मायावती ने भी फिरोज खान की नियुक्ति पर मचे बवाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत पढ़ाने आए प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति पर मचे बवाल के बीच उनके समर्थन में कुछ बीएचयू छात्रों ने रैली निकाली. छात्रों का कहना है कि धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए.

उधर फिरोज खान बुधवार को बनारस छोड़कर अपने शहर जयपुर आ गए. 7 नवंबर को हुई जॉइनिंग के बाद से ही विरोध के चलते वे पढ़ाने नहीं आ सके थे और उनका फोन भी स्विच्ड ऑफ था. दो दिन पहले फिरोज ने उम्मीद जताई थी कि छात्र उनका समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा था ‘मैंने पूरी जिंदगी संस्कृत पढ़ी और कभी मुस्लिम होने का अहसास नहीं दिलाया गया. अब मैं पढ़ाना चाहता हूं तो यही मुख्य मुद्दा बन गया है.’

इस बीच कुछ छात्रों ने फिरोज खान के समर्थन में रैली निकाली. हाथ में ‘फिरोज खान हम आपके साथ हैं’ लिखे पोस्टर लिए लंका गेट से रविदास गेट तक मार्च किया. गुरुवार को छात्रों ने कहा कि ये मार्च पहले से प्रस्तावित नहीं था लेकिन अगर मामला सुलझता नहीं है तो बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होगा.

उधर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी फिरोज के विरोध को लेकर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि पीएचडी स्कॉलर फिरोज खान के विवाद पर प्रशासन का ढुलमुल रवैया बेवजह तूल दे रहा है.