छात्रों ने स्कूल से किया वॉक आउट, ‘लब पे आती है दुआ…’ के कारण हेडमास्टर हुए थे सस्पेंड

विश्‍व हिंदू परिषद (VHP) के स्‍थानीय कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि फुरकान अली (45)  स्‍कूल में धार्मिक प्रार्थना (‘लब पे आती है दुआ…’ कविता) कराते थे.

हाल ही में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक मामला सामने आया था, जब एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को स्कूल से इसलिए सस्पेंड कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने छात्रों से मशहूर शायर मोहम्‍मद इकबाल की कविता ‘लब पे आती है दुआ…’ गवाई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 बजे सुबह 9:10 पर स्कूल परिसर में इकट्ठा हुए. यहां उन्होंने नारा दिया, “देश की रक्षा कौन करेगा? हम करेंगे… और कैसे करेंगे? तन से करेंगे, मन से करेंगे, धन से करेंगे.” 10 मिनट तक छात्रों ने यह नारा दिया और फिर बिना वर्दी के स्कूल पहुंचे कई बच्चे परिसर से बाहर निकल गए.

रिपोर्ट के अनुसार, जब बच्चों से पूछा गया कि वे कहां जा रहे हैं? तो एक छात्र ने कहा, “हम उस दिन वापस आएंगे, जब हमारे हेडमास्टर की वापसी होगी और वे हमें आकर पढ़ाएंगे. कोई भी टीचर उन्हें रिप्लेस नहीं कर सकता और उनके साथ जो हुआ है वह गलत है.”

VHP ने की थी शिकायत

विश्‍व हिंदू परिषद (VHP) के स्‍थानीय कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि फुरकान अली (45)  स्‍कूल में धार्मिक प्रार्थना (‘लब पे आती है दुआ…’ कविता) कराते थे. VHP के मुताबिक, यह प्रार्थना मदरसों में गाई जाती है.

बीसलपुर के ब्‍लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) उपेंद्र कुमार ने इस मामले की जांच की थी. उनके मुताबिक, सस्‍पेंड किए गए हेडमास्‍टर फुरकान अली  ने छात्रों से मशहूर शायर मोहम्‍मद इकबाल की कविता ‘लब पे आती है दुआ…’ गवाई. इकबाल ने ही ‘सारे जहां से अच्‍छा’ लिखा है.

वहीं डीएम ने कहा था, “अगर वह (हेडमास्‍टर) कविता पढ़वा रहे हैं और राष्‍ट्रगान नहीं तो मामला बनता है. अगर वह कुछ और करना चाहते थे तो सरकार से अनुमति लेनी चाहिए थी.”

हालांकि फुरकान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूल में राष्‍ट्रगान रोज गाया जाता है.

 

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