स्वतंत्र देव सिंह बने यूपी के नए BJP अध्यक्ष, जानिए पार्टी कहां साध रही है निशाना

केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली हो गई थी.

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने योगी सरकार के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश का नया BJP अध्यक्ष बनाया है. बता दें कि, मोदी कैबिनेट में जगह पाने के बाद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही PWD मंत्री चन्द्रकांत पाटिल को महारष्ट्र का BJP अध्यक्ष बनाया गया है.

क्या जातिगत समीकरण साध रही है बीजेपी 

स्वतंत्र देव सिंह यूपी में OBC नेता के रूप में पहचान रखते हैं, वह मिर्जापुर से आते हैं और जाति से कुर्मी हैं.  इसके साथ ही सिंह बुंदेलखंड में पकड़ रखते हैं. इनकी शादी झांसी जनपद के सिगार ग्राम में हुई थी, उन्होंने बुन्देलखंड के जालौन को कर्मभूमि बनाया. सिंह ने महेंद्र नाथ पांडेय जोकि ब्राहमण हैं, उनकी जगह ली है. सिंह RSS से जुड़े हुए हैं. स्वतंत्र देव सिंह यूपी बीजेपी में बैकवर्ड चेहरा हैं और ओबीसी समुदाय से आते हैं. ऐसा कहा जा सकता है कि बीजेपी सिंह को अध्यक्ष बनाकर जातिगत समीकरण साध रही है.

बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही राज्य में दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए थे. एक ब्राह्मण दिनेश शर्मा और दूसरे OBC समुदाय से आने वाले केशव प्रसाद मौर्य. अब एक बार फिर बीजेपी ने स्वतंत्र देव सिंह को अध्यक्ष बनाकर बैलेंसिंग एक्ट किया है. हो सकता है कि कुछ नए अपर कास्ट चेहरे योगी के मंत्रिमंडल विस्तार में दिखे.

ये निर्णय यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गृहमंत्री अमित शाह और कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ दिल्ली में हुई बैठक के बाद आया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने स्वतंत्र देव सिंह को यूपी बीजेपी का अध्यक्ष नियुक्त किया है. ये नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू है.

स्वतंत्र देव सिंह का राजनीतिक सफर 

स्वतंत्र देव सिंह ने अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र संघ चुनाव से की थी.  वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ए.बी.वी.पी.) में संगठन मन्त्री के रूप में कार्य भार संभाल चुके हैं. 1991 में भाजपा कानपुर के युवा शाखा के मोर्चा प्रभारी भी रहे. बाद में उन्हे 1994 में बुन्देलखण्ड के युवा मोर्चा के प्रभारी के रूप में राजनीति में पदापर्ण किया. उनको 1996 में युवा मोर्चा का महामन्त्री नियुक्त किया गया. 1998 में दोबारा बीजेपी प्रदेश युवा मोर्चा का महामन्त्री बनाया गया. 2001 में भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बने.

सिंह के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है. लोकसभा चुनाव के दौरान स्वतंत्र देव सिंह को मध्य प्रदेश का इंचार्ज बनाया गया था. उनकी देखरेख में बीजेपी ने मध्य प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन किया और बीजेपी ने 29 में से 28 सीटें जीती थीं. सिंह उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं, वह सितंबर 2017 में MLC चुने गए थे.

यूपी में 12 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं. यूपी के 12 विधायक लोकसभा चुनाव में सांसद बन गए हैं. सिंह के सामने इस उपचुनाव में पार्टी को जीत दिलाने की चुनौती होगी. बीजेपी में एक आदमी दो पद पर नहीं रहता है, ऐसे में स्वतंत्र देव सिंह को मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा.

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