बस हादसा: देवदूत बनकर आए आर्मी की तैयारी कर रहे दो युवक और ग्रामीण, बचाई 20 लोगों की जान

विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800102877 पर भी पीड़ितों के बारे में जानकारी देने की घोषणा की गई. पुलिस द्वारा घायलों और मृतकों की एक सूची भी जारी की गई है.

लखनऊ: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सोमवार सुबह एक गहरे नाले में गिरी बस से 20 लोगों को सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे दो युवकों और कुछ बहादुर ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया.

डबल डेकर बस 53 यात्रियों को लेकर लखनऊ से दिल्ली के लिए जा रही थी, तभी तड़के 4.15 बजे एतमादपुर थाना क्षेत्र में झरना नाले के पास यह एक डिवाइडर से टकराई और यमुना एक्सप्रेसवे पर दो फ्लाईओवर के बीच 40 फीट गहरे गैप में गिर गई. दुर्घटना में 29 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि 20 लोगों को बचा लिया गया है और बाकियों को बचाने काम जारी है.

‘जानलेवा’ यमुना एक्सप्रेसवे के प्रवेश बिंदु के पास स्थित चौगान के ग्रामीणों ने कहा कि वे मदद के लिए चिल्लाने वालों की पुकार और रोते हुए लोगों की आवाज सुन कर दुर्घटनास्थल पर पहुंचे. निहाल सिंह ने नाले में छलांग लगा दी, बस की खिड़की के शीशे तोड़े और अंधेरे में कई शवों को बाहर निकाला.

जबकि कुछ पुलिस और ग्राम प्रधान को सूचित करने के लिए दौड़े, जिन्होंने तुरंत दो जेसीबी मशीनों को रवाना किया. सेना में भर्ती के लिए अभ्यास कर रहे दो युवा भी बचाव कार्य में शामिल हो गए. घायलों को पास के कृष्णा अस्पताल पहुंचाया गया और गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया.

एक चश्मदीद ने कहा, “हममें से जिसने भी घायल या मृतकों को देखा, उसे विश्वास नहीं हो सका कि जीवन इतना अनिश्चित हो सकता है. यात्रियों में अधिकांश लोग सो रहे थे, इस बात से अनजान थे कि क्या हुआ है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मौतों पर शोक व्यक्त किया और पीड़ितों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि घायलों को उचित इलाज मुहैया कराया जाए.
विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800102877 पर भी पीड़ितों के बारे में जानकारी देने की घोषणा की गई. पुलिस द्वारा घायलों और मृतकों की एक सूची भी जारी की गई है.