इधर पास हुआ तीन-तलाक बिल, उधर दूध के पैसे मांगने पर महिला को तलाक देने की खबर आई

पीड़िता ने कहा कि, जब पति अचानक छोड़ देता है तो काफी दर्द होता है. उस दर्द को सिर्फ पीड़िता ही भुगत सकती है.

एक तरफ जहां उच्च सदन में तीन-तलाक विधेयक की चर्चा हो रही थी वहीं गाजियाबाद से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक महिला को पति ने तीन तलाक कहकर खुद से अलग कर दिया. वजह सिर्फ इतनी कि पत्नी ने बच्चों के दूध के लिए पति से पैसों की मांग की थी.

महिला ने बताया कि उसकी शादी को 10 साल बीत चुके हैं. पिछले कुछ समय से पति का कहीं और अफेयर था और अपनी पत्नी के साथ अक्सर मारपीट करता था.

फिलहाल राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास होने की खबर सुनकर पीड़िता काफी खुश है. पीड़िता ने कहा है कि इस मामले में सजा मिलनी ही चाहिए.

पीड़िता ने कहा कि, जब पति अचानक छोड़ देता है तो काफी दर्द होता है. उस दर्द को सिर्फ पीड़िता ही भुगत सकती है. इसलिए मुस्लिम महिलाओं के लिए यह एक अच्छा कदम है. पीड़िता के परिवार ने भी इस बात पर खुशी जाहिर की है.

इस मामले को लेकर पीड़िता की मां की लड़के के पिता से बात हुई. उसने कहा, तुम अपनी लड़की को ले जाओ, हमें अमीर लड़की की जरूरत है. तुमसे जो हो पाता है तुम कर लो. मेरे लड़के का इसमें मन नहीं लगता.

इसके अलावा संभल के सदर कोतवाली इलाके के डेरा सराय से भी तीन तलाक से जुड़ा दर्दनाक मामला सामने आया है. जनपद संभल में पति ने पत्नी से दहेज में गाड़ी और 50 हजार रुपए मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर तेजाब से हमला कर दिया. पीड़िता का आरोप है कि पति ने सास-ससुर के साथ मिलकर हमला किया. पीड़िता के मायके पक्ष के परिजन उसको लेकर कोतवाली पहुंचे. पुलिस ने आननफानन में पीड़िता को घायल हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया.

इससे पहले भी कई मामले सामने आए हैं जब बेवजह की बातों के चलते इस्लामिक महिलाओं को तीन तलाक कहकर ठुकराया गया है. मुश्किल हालात का सामना कर ही ऐसी कई महिलाओं को इस बिल से राहत मिली है. वहीं आगे जाकर किसी मुस्लिम महिला को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा.

गौरतलब है कि मोदी सराकर ने ऐतिहासिक ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में भी पास करवाने में सफलता हासिल की है. यानी अब महज इसमें औपचारिकताएं ही रह गई हैं. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर बाद देश में कानून लागू हो जाएगा. लोकसभा में पहले ही बिल पास हो गया था अब राज्यसभा में भी बिल पास हो चुका है. बिल के पक्ष में 96 वोट पड़े. जबकि विपक्ष में 84 वोट पड़े.

इससे पहले लोकसभा में भारी विरोध के बीच गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया है. एनडीए सरकार ने ट्रिपल तलाक बिल गुरुवार को लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए रखा था. इस बिल पर वोटिंग के दौरान समर्थन में 303 वोट पड़े, जबकि विरोध में 82 वोट डाले गए.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक यह अपराध संज्ञेय (इसमें पुलिस सीधे गिरफ्तार कर सकती है) तभी होगा, जब महिला खुद शिकायत करेगी. इसके साथ ही खून या शादी के रिश्ते वाले सदस्यों के पास भी केस दर्ज करने का अधिकार रहेगा. पड़ोसी या कोई अनजान शख्स इस मामले में केस दर्ज नहीं कर सकता है.

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