उत्तर प्रदेश में बसपा को बड़ा झटका, इन दो नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी सरकार की गरीब समर्थक नीतियों और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के शासन से काफी प्रभावित हैं.

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक और बड़ा झटका लगा है. बसपा प्रमुख मायावती के करीबी त्रिभुवन राम और पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने भाजपा में शामिल हो गए हैं.

विनोद सिंह दिवंगत कांग्रेस नेता के.एन. सिंह के बेटे हैं. वह बसपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और सुल्तानपुर के रहने वाले हैं. वहीं दूसरी तरफ इंजीनियर से नेता बने त्रिभुवन राम जो की बसपा सरकार में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख भी रह चुके हैं. उन्होंने भी बीजेपी की सदस्यता ले ली है. पीडब्ल्यूडी प्रमुख रहने के दौरान मायावती सरकार ने टी. राम का कार्यकाल दो बार बढ़ाया था.

मालूम हो कि बीते गुरुवार त्रिभुवन राम ने संवाददाताओं से कहा था कि बसपा अपने जातिवादी नजरिए के कारण अपनी प्रासंगिकता गंवा रही है.

राम ने कहा था, “दलित आइकन बी. आर. आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशी राम का कहना था कि एक पार्टी गरीबों और दलितों की सहायता तभी कर सकती है जब वह सत्ता में हो। बसपा ने सत्ता में रहते हुए भी इसका पालन नहीं किया.”

भाजपा में शामिल होने के बाद टी. राम और विनोद सिंह ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी सरकार की गरीब समर्थक नीतियों और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के शासन से काफी प्रभावित हैं.

लखनऊ में बीजेपी कार्यालय में उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने सदस्यता ली.
इस मौके पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, “दोनों नेता पार्टी को मजबूत करेंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे और हमें उम्मीद है कि वे गरीबों और दलितों के लिए काम करना जारी रखेंगे.”

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