कमलेश तिवारी हत्याकांड के दो संदिग्ध शाहजहांपुर में दिखे, तलाश में जुटी STF, ढाई लाख का इनाम घोषित

शाहजहांपुर में दिखाई दिए दो संदिग्ध हत्यारों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज हो गई है. इन दोनों पर यूपी पुलिस ने ढाई लाख का इनाम भी घोषित कर दिया है.


हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) हत्याकांड के दो संदिग्ध हत्यारे शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में दिखाई दिए हैं, जिनकी पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है. शाहजहांपुर में एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में कमलेश तिवारी के दो संदिग्ध हत्यारे कैद हुए हैं. उधर, इन दोनों पर यूपी पुलिस ने ढाई-ढाई लाख का इनाम घोषित कर दिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक़ एसटीएफ ने शाहजहांपुर पहुंचकर छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों की मानें तो संदिग्ध पलिया से गाड़ी किराए पर लेकर शाहजहांपुर आये थे. उसके बाद इन्होंने रोडवेज बस स्टैंड पर गाड़ी को छोड़ा और वहां से पैदल टहलते हुए रेलवे स्टेशन की तरफ जाने लगे. रेलवे स्टेशन के पास ही एक होटल के सीसीटीवी में ये कैद हो गए.

हालांकि एसटीएफ के पहुंचने पर ये वहां से गायब हो गए. अभी भी इनके शाहजहांपुर में होने की संभावना जताई जा रही है. जिस कार से संदिग्ध शाहजहांपुर पहुंचे उसके ड्राइवर को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. ड्राइवर ने एसटीएफ से पूछताछ में बताया कि मालिक के पास गुजरात से फोन आया था कि गाड़ी उन्हें किराए पर दे दो और इन्हें 5000 रुपये के किराए पर कार दे दी गयी थी.

जेब में हाथ डाले घूमता रहा हत्‍यारा
हत्‍या के बाद सभी बरेली पहुंचे. वहां के एक होटल की सीसीटीवी फुटेज मिली है. कमलेश तिवारी की हत्‍या करते समय मोइनुद्दीन पठान नाम के एक आरोपी के दाहिने हाथ में चोट लगी. उस चोट को छिपाने के लिए मोइनुद्दीन अपनी पैंट की जेब में हाथ डाले बेचैनी से घूमता दिखा. एसटीएफ की जांच के मुताबिक, हत्याकांड में शामिल अशफाक ने कानपुर के रेल बाजार स्थित कान्हा टेलीकॉम से सूरत की आईडी पर सिम लिया था. लखनऊ पुलिस ने लखनऊ के होटल खालसा इन से खून से सना भगवा कुर्ता और एक तौलिया बरामद किया है. हत्यारे इसी होटल में रुके थे. इसके अलावा शेविंग किट और मोबाइल फोन के साथ एक बैग भी बरामद किया गया है.

मदद के नाम पर की जा रही धन उगाही
कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर कमलेश के परिवार की फोटो लगाकर धन उगाही शुरू कर दी है. ये लोग इसके लिए मृतक कमलेश, उनकी पत्नी या मां की तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरह की पोस्ट के साथ अकाउंट नंबर या पेटीएम नबंर भी दिया जा रहा है. साथ ही पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि जमा धनराशि कमलेश तिवारी के परिवारवालों को दी जाएगी. इसके अलावा धर्म के हवाले से भी पीड़ित परिवार की मदद करने की अपील की गई है.