उन्नाव गैंगरेप: एक्शन में CBI, गुरुबक्शगंज थाने के इंस्पेक्टर और मुंशी से 7 घंटे तक हुई पूछताछ

सीबीआई टीम पीड़ित और उसके परिवार की सिक्योरिटी में तैनात यूपी पुलिस के जवानों से पूछताछ करेगी. साथ ही, सीबीआई की एक टीम इस मामले से जुड़े तमाम आरोपियों की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है.

लखनऊ: उन्नाव गैंगरेप केस जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एकबार फिर देश की सबसे बड़ी एजेंसी सीबीआई पर सबकी नजर है. सीबीआई के सामने बड़ी चुनौती ये है कि किस तरह से वो सात दिनों में जांच पूरी कर के सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी. सीबीआई अधिकारियों ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है.

सीबीआई टीम पीड़ित और उसके परिवार की सिक्योरिटी में तैनात यूपी पुलिस के जवानों से पूछताछ करेगी. साथ ही, सीबीआई की एक टीम इस मामले से जुड़े तमाम आरोपियों की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है.

सीबीआई ने विधायक कुलदीप सेंगर के 6 करीबियों के फोन नंबर राडार पर लगाए हैं. सीतापुर के 6 फोन नंबर सीबीआई के राडार पर हैं. जानकारी के मुताबिक सीतापुर जिला जेल के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जाएंगे. टेलीफोन कॉल की लोकेशन, कॉल डिटेल, बातचीत का ब्यौरा भी सीबीआई खंगालेगी. सीबीआई जिला पुलिस की मदद से शहर के कई टेलीफोन टावरों के बीटीएस खंगालेगी.

रायबरेली जिले के गुरुबक्शगंज थाने के इंस्पेक्टर और मुंशी से लखनऊ CBI ऑफिस मे उन्नाव पीड़िता के साथ हुई दुर्घटना के मामले में करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ऑफिस से निकले.

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने गुरूवार को इस केस में तीन लोगों से पूछताछ की और अब जल्द एक्सीडेंट की जगह पर रिक्रिएशन के साथ कई जगह सीबीआई छापेमारी करने की तैयारी में है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अब सारे मामले दिल्ली शिफ्ट हो गए है.

सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे पहले सीबीआई ने चारों केस की फाइल अपने पास मंगा ली है. सभी केस से जुड़े अफसरों को दिल्ली तलब करने के साथ केस के सभी दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए गए हैं और सूत्रों के मुताबिक कल भी कई जगह सीबीआई छापेमारी कर सकती है.

सीबीआई ने तीन मामलो में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिसकी जांच सीबीआई की लखनऊ ब्रांच कर रही थी और इस पर पीड़िता की तरफ से सवाल उठाते हुए जांच दिल्ली ट्रांसफर कराने की मांग भी की गई थी. चौथा गैंगरेप का मामला जिसकी जांच उत्तरप्रदेश पुलिस ने की है और इस मामले की चार्जशीट भी यूपी पुलिस ने दाखिल की है इस पर भी पीड़ित परिवार की ओर से कई बार सवाल खड़े किए गए है.

पांचवा मामला रायबरेली में हुए पीड़ता की कार एक्सिडेंट का है, जिसकी आशंका भी पीड़िता की ओर से कई बार कई जगह जाहिर की गई थी, लेकिन समय रहते उस पर किसी ने कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए ये केस भी सीबीआई को जांच के लिए दे दिया है, जिसको सात दिनों में पूरी करके सीबीआई कोर्ट को बताएगी.

इस मामले में सीबीआई ने विधायक सहित 10 लोगों को नामजद किया है और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब 7 दिन के अंदर केस की जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी है.