पुलिस साथ देती तो ऐसा नहीं होता, उन्‍नाव रेप पीड़‍िता की बहन और बुआ ने सुनाई आपबीती

पीड़िता की बहन का कहना है कि उनकी बहन की जान तो चली गई है, अब आरोपियों की भी जान जानी चाहिए.

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद से जहां देश गुस्से में उबल रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़िता के घरवाले हैदराबाद में पीड़िता को मिले इंसाफ के तर्ज पर अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांग रहे हैं.

पीड़िता की बहन का कहना है कि उनकी बहन की जान तो चली गई है, अब आरोपियों की भी जान जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जैसा हैदराबाद में हुआ, वैसा यहां भी हो.

पीड़िता की बहन ने कहा, “जैसा हैदराबाद में हुआ है, वैसा यहां भी होना चाहिए. हमारी बहन की जान चली गई है और इनकी भी जानी चाहिए. वो बुआ के घर रहती थी. जिस दिन पैरवी के लिए जा रही थी, उस दिन फोन करके बोली थी कि दीदी हम आपके घर आकर रहेंगे, लेकिन रास्ते में उसे फूंक दिया.”

इसके बाद बहन ने कहा, “सत्य की लड़ाई पर उसकी जान चली गई. हमें बस न्याय चाहिए, जैसा वहां (हैदराबाद) में हुआ, वैसा यहां होना चाहिए और हमें कुछ नहीं चाहिए. अगर पुलिस साथ देती तो ऐसा न होता.” पीड़िता की बहन ने यह भी कहा कि वह वकील बनना चाहती थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.

वहीं पीड़िता की बुआ ने कहा कि पुलिस ने उनका कभी भी साथ नहीं दिया. इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले का समझौता करने के लिए परिवार पर दबाव बनाया गया था.

 

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