मिड डे मील में नमक रोटी देने वाले यूपी के प्राथमिक स्कूल की बदल गई तस्वीर

इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकार के खिलाफ सरकार की छवि खराब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है.

नई दिल्ली: हाल ही में सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के एक प्राथमिक स्कूल का वीडियो खूब वायरल हो रहा था. इस वीडियो में स्कूली बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत नमक—रोटी खाते हुए दिखाया गया था. इसके अलावा यह ख़बर वहां के लोकल समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुआ था. हालांकि अब यह बात पुरानी हो गई है. नई बात यह है कि स्कूल से संबंधित सारे विवाद अब पूरी तरह से ख़त्म हो गया है.

अब किचन हरी सब्ज़ियों से भरी है. लकड़ी के चुल्हे की जगह एलपीजी सिलेंडर और स्टोव ने ले ली है. अब इस स्कूल में नए शौचालय बनाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं जो स्कूल सालों से बिजली की राह ताक रहा था अब रौशनी से जगमगा रहा है. इस मामले की जांच के बीच जहां पर बच्चों को मील दिया जाता है वहां की हालत भी ठीक की जा रही है.

अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए मिर्जापुर डिविज़नल कमिश्नर आनंद कुमार सिंह ने कहा कि मिड डे मील प्रोग्राम की जांच की जा रही है और इसके नियमों में अगर कोई उल्लंघन हुआ है तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकार और ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि समेत कई लोगों के खिलाफ सरकार की छवि खराब करने के ‘कुत्सित प्रयास’ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. यह मुकदमा पिछली 31 अगस्त को खण्ड शिक्षाधिकारी प्रेम शंकर राम की तहरीर पर दर्ज किया गया है. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार पवन ने सोची—समझी साजिश के तहत स्कूल में वीडियो तैयार किया ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके.

दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि राजकुमार को जानकारी थी कि घटना के दिन स्कूल में सिर्फ रोटी ही बनी है मगर उसने सब्जी का इंतजाम कराने के बजाय पत्रकार पवन जयसवाल को बुलाया, जिसने रसोइयों द्वारा बच्चों को केवल रोटी नमक खिलाते हुए वीडियो बना लिया और उसे एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एजेंसी को भेज दिया.

गौरतलब है कि गत 22 अगस्त को मिर्जापुर के जमालपुर विकास खण्ड स्थित सियूर प्राथमिक विद्यालय की इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इसकी जांच करायी थी और प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने पर दो शिक्षकों मुरारी और अरविंद कुमार त्रिपाठी को निलम्बित किया था.

पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने सोमवार को बताया कि एक हिन्दी दैनिक के स्थानीय पत्रकार पवन कुमार जायसवाल, ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि राजकुमार पाल तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश रचने, सरकारी काम में बाधा डालने, झूठी बातों को तथ्य के तौर पर पेश करने और धोखाधड़ी कर सरकार की छवि खराब करने के ‘कुत्सित प्रयास’ के आरोप में अहिरौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.

उस वीडियो में एक महिला बच्चों को रोटी दे रही है और एक व्यक्ति उनकी थाली में नमक परोस रहा है. मध्याह्न भोजन योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मेन्यू के हिसाब से दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल और दूध दिये जाने की व्यवस्था है, ताकि उन्हें बेहतर पोषण मिल सके. इस योजना को इस तरह से तैयार किया गया है कि हर बच्चे को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी मिले. इसमें रोजाना 12 ग्राम प्रोटीन भी शामिल होना चाहिये.

योजना के अनुसार, हर बच्चे को साल में कम से कम 200 दिन ऐसा भोजन दिया जाना चाहिये. मिर्जापुर के प्राथमिक स्कूल की इस घटना से प्रदेश सरकार की आलोचना हुई थी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा था कि मिर्जापुर के स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना के तहत रोटी और नमक दिया जा रहा है तथा भाजपा सरकार के जमाने में प्रदेश का यह हाल है.