चलती बस में पति को आया हार्ट अटैक, ‘बेरहम’ कंडक्टर ने शव समेत पत्नी को उतारा!

यूपी रोडवेज़ की एक बस में शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई. इसके बाद आरोप लगा कि ड्राइवर और कंडक्टर ने मदद करने के बजाय पत्नी को पति के शव समेत ही बस से उतार दिया.

बाराबंकी. यूपी रोडवेज़ के एक बस ड्राइवर और कंडक्टर ने ऐसी हरकत की जिससे इंसानियत शर्मिंदा हो जाए. जानकारी मिली है कि बहराइच से लखनऊ जा रही बस में एक दंपत्ति सवार हुए थे. बीच सफर में ही पति को दिल का दौरा पड़ा जिससे उसकी मौत हो गई. बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने इंसानियत दिखाने के बजाय पत्नी को बाराबंकी के रामनगर के पास पति के शव समेत बस से नीचे धकिया दिया.

पीडि़त के परिजनों ने जानकारी दी है कि मरनेवाले शख्स का नाम राजू मिश्रा था जिसकी उम्र 37 साल थी. वो बहराइच का ही रहनेवाला था. उसने लखनऊ जाने के लिए पत्नी समेत बस पकड़ी मगर 130 किलोमीटर के कुल सफर में से बस ने 60 किलोमीटर का सफर ही तय कर सकी थी कि राजू के सीने में दर्द शुरू हो गया. राजू के बड़े भाई मुरली मिश्रा ने बताया कि बस के कंडक्टर मोहम्मद सलमान और ड्राइवर जुनैद अहमद ने मृतक की पत्नी को जबरन बस से उतार दिया. उन्होंने बस टिकट भी छीन लिया और शव के साथ महिला को अकेला छोड़कर निकल गए. खबर बाहर आते ही ट्विटर पर यूपी सीएम को टैग करके शिकायतें की जाने लगीं.

कंडक्टर ने आरोपों को नकारा
दूसरी तरफ बस के कंडक्टर ने मृतक के परिजनों का हर आरोप नकारा है. इसके उलट कंडक्टर ने दलील दी कि जैसे ही यात्री ने सीने में दर्द की शिकायत की वैसे ही उसकी पत्नी को बताया गया कि बस में डॉक्टर भी सवार हैं. डॉक्टर जब बहुत मदद नहीं कर सके तो राजू को रामनगर के नज़दीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने का प्रयास किया गया. इसके बाद बस रामनगर में रोक कर डॉ बीपी सिंह को बुला लिया गया. उन्होंने बस में ही राजू की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया.

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कंडक्टर मोहम्मद सलमान ने बताया कि उसने यूपी पुलिस की डायल 100 पर भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसके बाद रामनगर के एसओ को फोन मिलाया गया जिन्होंने शव को बाराबंकी अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया. आरोपी कंडक्टर ने अपनी सफाई में ये भी कहा कि उसने मृतक के रिश्तेदारों को भी फोन करके जानकारी दी. परिजनों और पत्नी की सहमति से ही उसने बस से शव उतारा.

पुलिस ने भी रखा अपना एंगल
रामनगर के एसओ श्याम नारायण पांडे से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि बस के कंडक्टर ने उन्हें फोन करके जानकारी दी थी कि मृतक की पत्नी बस से उतरना चाहती है. इस पर उन्होंने कंडक्टर को निर्देश दिया कि वो बाराबंकी के नज़दीकी अस्पताल चला जाए और शव को वहीं उतारे ताकि मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

उन्होंने बताया कि तुरंत ही कुछ पुलिसवालों को मौका-ए-वारदात पर भेजा भी गया लेकिन तब तक महिला बस से उतर चुकी थी. इसके बाद एसओ पांडे ने एक वाहन से शव को बाराबंकी अस्पताल पहुंचाया. इस बाबत असिस्टेंट रोडवेज़ मैनेजर ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए ही वाकये की जानकारी मिली है और अब तक की जानकारी के मुताबिक कंडक्टर ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किए लेकिन फिर भी मामले में जांच करवाई जाएगी.

हर पक्ष का इस मामले में कुछ ना कुछ कहना है लेकिन सच क्या है ये कोई नहीं जानता. हो सकता है कि मामले की निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो घटना की हकीकत पता चले.