फेसबुक के जरिए ठगी करता था नाइजीरियन गैंग, यूपी पुलिस ने मुखिया को पकड़ा

दिल्ली से गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से लैपटॉप, नाईजीरिया का पासपोर्ट, 8 मोबाइल सिमकार्ड और कई सामान बरामद हुआ है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह फेसबुक के जरिए ठगी करता था. इस सिलसिले में STF ने दिल्ली से एक नाईजीरियाई को गिरफ्तार किया है.

नाईजीरिया मूल के सरगना का नाम ऑलीवर उजोमा उगोचू कोऊ है. उजोमा मूलत: नाईजीरिया के ओरलू रोड ओर्वेी ईमो राज्य का रहने वाला है. इन दिनों वह देवली विस्तार, थाना-टिग्री, दिल्ली की गली नंबर एक में छिप कर रह रहा था.

ये सामान हुआ बरामद

दिल्ली से गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से लैपटॉप, नाईजीरिया का पासपोर्ट, 8 मोबाइल सिमकार्ड, एक डोंगल, एटीएम कार्ड, पेन ड्राइव और दो ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए गए हैं.

फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी

STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, राजीव नरायण मिश्रा ने मीडिया को बताया, “यह गिरोह फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों के साथ ठगी करता था. इसी साल 12 जून को पुराना हैदरगंज थाना बाजार खाला, लखनऊ निवासी रमेश चंद्र शुक्ला ने एक शिकायत दी थी.”

इंटरनेट पर जुटा रहा था जानकारी 

शिकायतकर्ता रमेश ने पुलिस को बताया था कि वह विदेश जाने के लिए इंटरनेट पर कुछ जानकारी जुटा रहा था. इसी बीच ब्रिटेन की जुलियाना गोम्स नामक किसी महिला ने दोस्ती कर ली. महिला ने खुद को ज्वैलरी शोरूम की मालकिन बताया.

उस अजनवी महिला ने बताया कि दिल्ली हवाईअड्डे पर कस्टम वालों ने उसे पकड़ लिया है. उसने करीब तीन लाख रुपये जमा करवा लिए. महिला ने आश्वासन दिया था कि जब वह लखनऊ पहुंचेगी तब रुपये वापस कर देगी.

मुद्रा बदलवाने के नाम मांगे रुपये

SSP मिश्रा ने बताया, “करीब तीन लाख रुपये वसूलने के बाद भारतीय मुद्रा को पौंड में बदलवाने के नाम पर महिला की ओर से छह लाख रुपये जब और मांगे गए, तब रमेश चंद्र शुक्ला को शक हुआ. ठगे जाने का शक होते ही उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी.

इसी शिकायत के आधार पर STF के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह की टीम ने छह सितंबर को दिल्ली में छापा मारकर इस ठग गिरोह के सरगना को दबोच लिया.”

ठगों को मिलाकर अपना गिरोह बनाया

STF द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी ने बताया, “2012 में नाइजीरिया से दिल्ली आया था. दिल्ली में पहले से रह रही मेघालय की एक महिला से शादी कर ली. बाद में दोनों ने कुछ और ठगों को मिलाकर अपना गिरोह बना लिया.”

यह गिरोह फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाता था. STF के मुताबिक इस गिरोह के सदस्यों के बैंकों में भी कई खाते मिले हैं.

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