आजम खान पर तीन FIR दर्ज, जमीन हड़पने का आरोप

आलियागंज गांव के 26 लोगों की शिकायत के आधार पर डीएम ने राजस्व विभाग से आरोपों की जांच कराई. जांच में पता चला कि खतौनी में जमीन के मालिक आलियागंज गांव के वही लोग हैं जिन्होंने शिकायत की थी.

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद और सपा नेता आजम खान एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. इस बार आजम खान पर जमीन हथियाने के आरोप लगे हैं. रामपुर पुलिस ने आजम खान के खिलाफ जमीन कब्जाने के तीन अलग-अलग मुकदमें दर्ज किए हैं.

रामपुर में कई सौ एकड़ में बनी मोहम्मद अली ज़ोहर यूनिवर्सिटी में मौजूद जमीन के कुछ हिस्सों को कब्जाने का भी आरोप है. जानकारी के मुताबिक इस आलीशान यूनिवर्सिटी में आजम खान चेयरमैन हैं और ट्रस्टी भी. इस यूनिवर्सिटी में इंस्टीटूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भी बनाया जा रहा था.

आरोप है कि इसी मेडिकल इंस्टिट्यूट के लिए आजम खान ने अपने बेहद करीबी और तत्कालीन सीओ आले हसन के साथ मिलकर आलियागंज गांव के लोगों की जमीन जबरन कब्जा ली. पिछले कई सालों से आलियागंज गांव के ये लोग अपनी जमीन पर नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि जमीन यूनिवर्सिटी की चारदीवारी के अंदर हैं, और वहां इनका जाना मना है.

शिकायतकर्ताओं की मानें तो इन्हें न तो कभी यूनिवर्सिटी के अंदर इनकी जमीन तक नहीं जाने दिया. और न ही आजम खान ने जमीन की कीमत का भुगतान किया. जिसके बाद परेशान होकर इन लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

आलियागंज गांव के 26 लोगों की शिकायत के आधार पर डीएम ने राजस्व विभाग से आरोपों की जांच कराई. जांच में पता चला कि खतौनी में जमीन के मालिक आलियागंज गांव के वही लोग हैं जिन्होंने शिकायत की थी. लिहाजा, डीएम के आदेश पर रामपुर पुलिस ने आजम खान और उनके बेहद करीबी पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफ जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज कर लिया.

रामपुर पुलिस ने आजम खान और आले हसन के खिलाफ जमीन हथियाने के 3 मुकदमे दर्ज किए हैं. पुलिस के मुताबिक, आले हसन रामपुर में इंस्पेक्टर और बाद में सीओ के पद पर रह चुके हैं. आरोप है कि आले हसन ने अपने पद का दुरुपयोग कर लोगों को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर आजम खान के इशारों पर जबरन उनकी जमीन पर कब्जा किया.

यूपी पुलिस से रिटायर होने के बाद आले हसन आजम खान की इसी यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी चीफ के पद पर हैं. फिलहाल, पुलिस आले हसन की गिरफ्तारी के लिए उसके तमाम ठिकानों पर दबिश दे रही है.

वहीं, खुद को फंसता देख आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप झूठे और फर्जी हैं. यह मुकदमे करने की होड़ लगी है, यह मामला 2006 का है. ये सारे मुकदमे हाई कोर्ट में हुए थे और कोर्ट में सभी ने कहा था चेक से पेमेंट मिल चुका है, जिसके बाद हाई कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए थे.

आजम खान के बेटे ने इसे राजनीतिक षडयंत्र बताया. फिलहाल, रामपुर पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच रही है.