मंत्रिमंडल में क्यों नहीं शामिल किए गए मनोज सिन्हा? ये है जवाब

इस बार की मोदी सरकार में कई ऐसे बड़े चेहरे हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है, जो पिछली सरकार में मंत्री थे.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में पूर्व दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को शामिल नहीं किया गया है. मोदी मंत्रिमंडल में सिन्हा को शामिल नहीं किया जाना काफी चौकाने वाला है क्योंकि वह उत्तरप्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. इसके साथ ही वह वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह के करीबी भी हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. उनको बहुजन समाज पार्टी के अफजाल अंसारी ने शिकस्त दी. लोकसभा चुनाव में सिन्हा को 4.46 लाख मत मिले जबकि अंसारी को 5.66 लाख मत मिले.

मंत्रिमंडल में जगह न मिलने का ये कारण बताया जा रहा है 

सिन्हा को 2016 में रविशंकर प्रसाद से दूरसंचार मंत्रालय लेकर सौंपा गया था. बताया जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय उनके द्वारा मोदी की प्रमुख परियोजना भारतनेट का कामकाज सफलतापूर्वक पूरा नहीं किए जाने के कारण उनसे खुश नहीं था. इस परियोजना के तहत 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाना था. उनके दूरसंचार मंत्री के कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों-बीएसएनएल और एमटीएनएल की स्थिति खराब हो गई.

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सिन्हा का अब क्या होगा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के तीन मंत्री सांसद बन गए हैं और इसके साथ ही मंत्रिमंडल का विस्तार भी होना है. ऐसे में सिन्हा को यूपी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें सितम्बर में होने वाले तीन राज्यों के चुनाव में प्रभारी बनाकर भेजा जा सकता है. सितम्बर में महारष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं.

-आईएएनएस