स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से भी बड़ी होगी अयोध्या में भगवान राम की प्रतिमा, दुनिया में सबसे ऊंची

अयोध्या में बनने वाली भगवान राम की मूर्ति की ऊंचाई 251 मीटर प्रस्तावित की गई है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या की ओर दुनिया भर को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के अंतर्गत अयोध्या में भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इस प्रतिमा को अयोध्या में सरयू के किनारे 100 हेक्टेयर के क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा. इस प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर प्रस्तावित की गई है.

बता दें कि, विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा गुजरात के केवड़िया में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी है, जिसकी ऊंचाई 183 मीटर है.

लखनऊ में सोमवार को इस मसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने भगवान राम की प्रतिमा की स्थापना के काम में तेजी लाने को कहा और साथ ही उन्होंने अयोध्या के समग्र विकास की योजना तैयार करने पर जोर दिया. बैठक में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महान समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थल पर भगवान राम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, लाइब्रेरी, इंटरनेशनल सेंटर, पार्किंग, फूड प्लाजा के साथ-साथ पर्यटकों की जरुरत की मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के निर्देश दिए थे.

बैठक में तय हुआ कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट का गठन होगा. ट्रस्ट का नाम और उसके सदस्य भी तय किए जाएंगे. पहले डिजाईन कंसलटेंट के लिए राजकीय निर्माण निगम का चयन हुआ था, पर बाद में इसे निरस्त करते हुए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया है. इसके साथ ही गुजरात सरकार के साथ तकनिकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए MOU पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे. इस कार्य के परिकल्प, संरचना, बिडिंग कार्यवाही और निर्माण कार्य के लिए राजकीय निर्माण निगम की अलग इकाई स्थापित की जाएगी.

प्रस्तावित साइट का जियोलाजिकल सर्वे, हाइड्रोलाजिकल सर्वे, साइस्मिक सर्वे तथा नीरी (नागपुर) से इनवायरमेंट असेसमेंट एंड फिजिबिलिटी स्टडी के साथ आईआईटी कानपुर भी इसमें सहयोग करेगा. इस कार्य के समन्वय और क्रियान्वयन के लिए वित्त, नगर विकास, वन, पर्यावरण, लोकनिर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, औद्योगिक और आवास विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएंगे.

गौरतलब है कि भगवान श्रीराम की प्रस्तावित प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर होने से यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. वर्तमान में गुजरात में स्थित सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा अभी तक विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसकी ऊंचाई 183 मीटर है. चीन में स्थापित गौतम बुद्घ की प्रतिमा की ऊंचाई 128 मीटर है, जबकि न्यूयार्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है. मुंबई में निर्माणाधीन डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा 137.2 मीटर और निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महराज की प्रतिमा की ऊंचाई 212 मीटर है.

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