बढ़ती आबादी को काबू करने के लिए बाबा रामदेव ने बताया ये उपाय

स्वामी रामदेव एक बार फिर बढ़ती जनसंख्या से चिंतित दिखे. कहा कि किसी भी हालत में देश की जनसंख्या 150 करोड़ से ऊपर नहीं जानी चाहिए.

इस बार चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे योग गुरु रामदेव चुनाव खत्म होने के बाद फिर से सक्रिय हुए हैं. रविवार को उन्होंने बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने का तरीका बताते हुए कानून की मांग की. हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश की जनसंख्या जिस तरह से बढ़ रही है, भारत उसके लिए तैयार नहीं है. किसी भी हालत में भारत की जनसंख्या 150 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

रामदेव ने कहा ‘ऐसा तभी हो सकता है जब देश में ऐसा कानून बने कि जो भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करे उसके बच्चे को न वोट देने का अधिकार हो, न चुनाव लड़ने का अधिकार हो. सभी सरकारी सुविधाओं से उसे वंचित कर दिया जाए.’ ये पहली बार नहीं है, जनवरी में भी रामदेव ने कहा छा कि दो से अधिक बच्चे वाले लोगों से वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए और उन्हें चुनाव लड़ने के अधिकार से भी वंचित कर देना चाहिए. उन्हें सरकारी स्कूलों, अस्पतालों में प्रवेश नहीं देना चाहिए और उन्हें सरकारी नौकरी भी नहीं देनी चाहिए.

पहले भी जता चुके हैं चिंता

रामदेव जनसंख्या के लिए कई बार चिंतित देखे गए हैं. वो पहले भी कह चुके हैं कि मैं भारत को एक महाशक्ति के रूप में देखना चाहता हूं. ‘हम दो हमारे दो’ के संकल्प के रास्ते में कोई धर्म, जाति या राजनीति न आए. अगर हम सुधार नहीं करते हैं तो जनसंख्या अभिशाप बन जाएगी.

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में बढ़ चढ़ कर प्रचार करने वाले रामदेव इस चुनाव में शांत ही रहे. हां, रवि शंकर प्रसाद का नामांकन दाखिल कराने पटना जरूर पहुंचे थे. वहां प्रज्ञा ठाकुर को राष्ट्रवादी बताते हुए कहा था कि संदेह के आधार पर उन्हें 9 साल तक जेल में प्रताड़ित किया गया.

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