35 ए का डर…प्रशासन का समझाना हुआ बेअसर, घाटी में ज़रूरी चीजों की राशनिंग तेज़

अस्पतालों के लिए भी दवाओं और मेडिकल उपकरणों की ज़रूरी सप्लाई बरकरार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. सप्लाई नियमित करने की खातिर बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स की भी मदद ली जा रही है.

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 35 ए को खत्म करने की कवायद के बीच घाटी में ज़रूरी चीजों की राशनिंग तेज़ हो गयी है. अफरातफरी के इस आलम में श्रीनगर के कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल ख़त्म होने की खबरें आ रही हैं. लोग मौके की नजाकत को देखते हुए खाने पीने का सामान, डीजल-पेट्रोल और ज़रूरी चीजों को स्टॉक करने में जुटे गए हैं.

इस बीच 300 से ज़्यादा ऑयल टैंकर और ट्रक जम्मू से श्रीनगर के रास्ते में हैं. इन ट्रकों में एलपीजी सिलेंडर भरे हुए हैं. ये अब तक लैंड स्लाइड के चलते पत्नीटॉप में फंसे हुए थे. कश्मीर प्रशासन इस कोशिश में जुटा हुआ है कि इन्हें जल्द से जल्द श्रीनगर पहुंचाया जा सके. ऑयल टैंकरों के श्रीनगर पहुंचने से तेल को लेकर मची अफरातफरी से कुछ हद तक निजात मिलने की संभावना है.

कल के बंद के बाद आज श्रीनगर के डाउन टाउन में बाज़ार खुले रहे, मगर हलचल आम दिनों के मुकाबले काफी कम थी. प्रशासन ने एहतियातन श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्र में धारा 144 लगा रखी है. इन इलाकों में रैनावारी, नौहट्टा, खानयार, एमआर गंज और सफ़ाक़दल शामिल हैं. कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर बशीर अहमद खान ने सभी डिप्टी कमिश्नर के साथ बैठक कर उन्हें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और राशन सप्लाई की व्यवस्था का जायज़ा लेने के निर्देश दे दिए हैं. अस्पतालों के लिए भी दवाओं और मेडिकल उपकरणों की ज़रूरी सप्लाई बरकरार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. सप्लाई नियमित करने की खातिर बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स की भी मदद ली जा रही है.

ज़रूरी दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश
सभी सीएमओ, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को बिना इजाज़त स्टेशन न छोड़ने और ज़रूरी दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. इस बीच राज्य प्रशासन इस कोशिश में लगा हुआ है कि आम नागरिकों के बीच किसी तरह का पैनिक न फैलने पाए. प्रशासन इन सारी तैयारियों को जम्मू श्रीनगर राजमार्ग के साफ न होने के चलते होने वाली संभावित दिक्कतों से निजात पाने की कवायद के तौर पेश कर रहा है. प्रशासन ने होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिये हैं. कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर कभी भी सम्पर्क कर अपनी दिक्कत की जानकारी दे सकता है.

मौसम भी बनकर आया बड़ी दुश्वारी
इस कठिन स्थिति में कश्मीर प्रशासन के आगे चेनानी-नशरी टनल से टैंकर्स को पार कराने की समस्या भी आ गयी. एक दिन पहले श्रीनगर में तेल की ज़बरदस्त कमी का खतरा पैदा हो गया था मगर 250 टैंकर्स के पहुंच जाने से हालात कुछ हद तक सुधर गए. आर्टिकल 35 ए के रद्द होने की सूरत में परिणामों से निपटने की आशंका के बीच खराब मौसम भी प्रशासन के लिए एक बड़ी दुश्वारी बनकर आया है. इस खराब मौसम के चलते जम्मू और श्रीनगर के बीच ज़रूरी चीजों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है.

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