Interview: ‘मिशन शक्ति’ पर बोले हर्षवर्धन, ‘सपने सबने देखे, हकीकत में पीएम मोदी ने बदला’

केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा कि हमारी शक्ति हमारे आत्म रक्षा के लिए है. दुनिया में कोई भी हमारी तरफ बुरी निगाह से देखने की हिम्मत न करे इसके लिए पूरा प्रयास प्रधानमंत्री मोदी ने कर रखा है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को देश को संबोधित करते हुए ‘मिशन शक्ति’ के लिए भारतीय वैज्ञानिकों और DRDO की सफलता से अवगत कराया. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में पूरी तरह से भारत में ही निर्मित एंटी सैटेलाइट मिसालइल से एक सैटेलाइट मार गिराया है. भारत ऐसा करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया है. भारत की इस सफलता पर टीवी9 ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से बातचीत की. पढ़िए उनका खास इंटर्व्यू.

सवाल- कितनी बड़ी उपलब्धि है मिशन शक्ति?

जवाब- बहुत बड़ी उपलब्धि है ये स्वयं PM का स्पेस का विभाग है साल 2014 में PM बनने के बाद उन्होंने इस आइडिया को जन्म देने से लेकर उसके क्रियान्वयन का सारा काम पांच सालों में करके दिखाया है. आज हम अमेरिका रूस और चीन की तरह विश्व की महाशक्ति के रूप में उभरे हैं. अब हम अंतरिक्ष में भी सुपर पावर बन गए हैं. इसी तरह आपको याद होगा, 1998 में PM बनने के बाद अटल जी ने परमाणु परीक्षण किया था. जिसको लेकर हर भारतवासी को गर्व की अनुभूति हुई थी. उसी तरह से आज की उपलब्धि पर देश के 132 करोड़ लोगों को गर्व हो रहा है. वैज्ञानिकों पर गर्व है इसरो से लेकर DRDO के वैज्ञानिकों को मैं बधाई देता हूं.

लो अर्थ ऑर्बिट में एक टारगेटेड लाइव सैटेलाइट को नष्ट कर देना और मिसाइल की एक नई क्षमता को पैदा करके स्पेस के फील्ड में एक नई महारत हमें हासिल हुई है. ये देश के लिए ऐतिहासिक दिन है, अंतरराष्ट्रीय जगत में इससे हमारी प्रतिष्ठा बढ़ी है पीएम मोदी के नेतृत्व में जमीन से लेकर अंतरिक्ष तक भारतवासी सुरक्षित हैं.

सवाल- विश्व समुदाय में इस उपलब्धि का क्या संदेश जाएगा ख़ासकर जो देश अपने को विश्व शक्ति समझते है?

जवाब- हमारी शक्ति हमारे आत्म रक्षा के लिए है दुनिया में कोई भी हमारी तरफ बुरी निगाह से देखने की हिम्मत न करे इसके लिए पूरा प्रयास प्रधानमंत्री मोदी ने कर रखा है और जिसने भी इस तरह की कोशिश की है, उसको हमने मुंह तोड़ जवाब दिया है और स्पेस के अंदर भी एक बड़ी उपलब्धि आज हमने हासिल की है.

सवाल- इस उपलब्धि के मौके पर एक तरफ कांग्रेस और राहुल गांधी ने ट्वीट करके प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसरो और DRDO के वैज्ञानिकों को बधाई दी है. तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री को राहुल गांधी ने वर्ल्ड थिएटर डे की शुभकामनाएं भी दी हैं. PM पर सीधा तंज कसा है.

जवाब- जो कुछ भी कांग्रेस के अध्यक्ष बयानबाजी करते हैं उनके बयानों की गहराई उनके बयानों की सच्चाई उनके बयानों के संदर्भ में इस देश के लोग अच्छी तरह से जानते हैं. आप लोग भी इस बात को पहचान लीजिए वो न किसी कमेंट्स के लायक हैं न किसी प्रकार की तवज्जो के लायक हैं. जो पार्टी और उसका अध्यक्ष हमारे वीर जवानों की कौशल और शहादत पर प्रश्न चिन्ह लगा सकता है उस से इसी तरह की बात की उम्मीद की जा सकती है. इससे ज्यादा उनसे उम्मीद नहीं कर सकते हैं इसलिए उनके बयान को तवज्जो मत दीजिए.

सवाल- कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वैज्ञानिकों को बधाई दी है साथ में बीजेपी पर इस मामले में क्रेडिट लेने का आरोप लगाते हुए हमला बोला है.

जवाब – देखिए क्रेडिट लेने की कोई बात नहीं है. क्रेडिट लोग दे रहे हैं. सरकार ने नहीं कहा है कि हमें क्रेडिट दो सरकार ने तो बस इसके बारे में सूचना दी है. मैं बतौर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के तौर पर बताना चाहता हूं कि लोग सपना देखते होंगे कि ऐसा होना चाहिए या ये होना चाहिए लेकिन सपने को साकार करने के लिए उस पर सोच से लेकर काम करने को लेकर सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने काम किया है और वैज्ञानिकों का भी मार्गदर्शन किया है.

सवाल- क्या ऐसी उपलब्धियों में सरकार का भी कोई रोल होता है?

जवाब- जी बिलकुल पड़ता है. मैं आपको उदाहरण देकर समझाता हूं. अटल बिहारी वाजपेयी जी मार्च 1998 में दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने 11 मई को पोकरण परमाणु परीक्षण करके दिखाया था. सिर्फ दो महीने के कार्यकाल में कोई क्षमता उन्होंने विकसित नहीं की थी लेकिन तमाम विरोध के बावजूद एक जज़्बा था, जो करने से दुनिया का कोई भी देश न उन्हें डरा पाया न डिगा पाया, और ताकत के रूप में उसको करके दिखाया.

उसी तरह से पीएम मोदी ने किया है. एयर फोर्स की क्षमता पहले भी रही होगी लेकिन कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं था जो उरी हमले का जवाब दे सके और पुलवामा हमले का भी जवाब दे सके. पहले भी स्पेस पावर बनने का सपना बनने का देखते होंगे लेकिन फाइलों से लेकर इंटेलेक्चुअल लेवल पर काम पीएम मोदी ने किया और ये काम उनके समय में हुआ और नेतृत्व का फर्क पड़ता है. जो दिशा-निर्देश मिलता है उस पर काम होता है.

सवाल- मिशन शक्ति पर कांग्रेस सवाल उठा रही है. क्या ऐसे मौकों पर कांग्रेस को आरोप लगाने से बचना चाहिए? आपकी कांग्रेस के लिए कोई सलाह.

जवाब- देखिए न तो हमारी सलाह के वो मोहताज हैं न हमारी सलाह मानने वाले हैं हमें सलाह देनी है तो यही कहेंगे जैसे प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र धर्म का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं. वैसे उसका थोड़ा प्रतिशत आप भी पालन करिए, तो आपकी पार्टी का भी उद्धार हो जाएगा. राजनीति केवल राजनीति के लिए न करें, देश सेवा के लिए भी राजनीति करें. राष्ट्र धर्म का दूसरा नाम भी राजनीति हो सकता है तो कम से कम राष्ट्र धर्म का कांग्रेस पालन करे.