टीवी बहस में मारपीट और हंगामे का दोषी कौन? TV 9 भारतवर्ष पर देखिए स्मिता शर्मा के साथ चर्चा

न्यूज़ 24 चैनल पर एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता द्वारा बार-बार गद्दार कहे जाने से कांग्रेस नेता इतना भड़क गए कि प्रवक्ता के मुंह पर पानी फेंक दिया.

राजनीतिक दलों के विचारों में मतभेद की बात तो समझ में आती है लेकिन इस वजह से बात मारपीट तक पहुंच जाए ठीक नहीं है. बीते कुछ समय से टीवी डिबेट में प्रवक्ताओं के बीच वैचारिक असहमति के बीच हिंसक गतिविधि देखने को मिल रहा है. हमारा यह कार्यक्रम इसी मुद्दे पर आधारित है. सवाल उठता है कि विचारों में मतभेद की वजह से किसी पर हमला कर देना या मारपीट करना क्या ठीक है?

दरअसल न्यूज़ 24 चैनल पर एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता द्वारा बार-बार गद्दार कहे जाने से कांग्रेस नेता इतना भड़क गए कि उन्होंने उनके मुंह पर पानी फेंक दिया.

हालांकि टीवी कार्यक्रम में पहले भी मारपीट के कई और मामले देखने को मिले हैं. इससे पहले न्यूज़ नेशन चैनल में ख़ुद को स्वामी बताने वाले ओम पर आधारित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसी ही हिंसा देखने को मिली थी.

ऐसे में एक और सवाल मन में उठता है कि क्या टीआरपी की रेस में चैनल इतने अंधे होते जा रहे हैं कि वो जानबूझ कर इस तरह के कंटेट प्लान कर रहे हैं. राजनेताओं के बीच इस तरह की नोक-झोंक के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

अतुल चौरसिया जो न्यूजलॉन्ड्री पोर्टल के कार्यकारी संपादक है ने माना कि मीडिया ही इसकी ज़िम्मेदार है. वहीं एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार माया मीरचंदानी ने माना कि न्यूज़ चैनल्स ने रिपोर्टिंग पर खर्च करने के बजाए दफ्तर में चार प्रवक्ताओं के साथ बहस करने को सफलता पाने का सस्ता माध्यम बना लिया है.