Fact Check: छत्तीसगढ़ में जन्मा 3 आंख वाला बच्चा, लोग बता रहे दैवीय चमत्कार

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बच्चे की तीन आंखें, दो नाभि और सिर पर एक मांसपिंड है, जिसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं.
Child with 3 eyes, Fact Check: छत्तीसगढ़ में जन्मा 3 आंख वाला बच्चा, लोग बता रहे दैवीय चमत्कार

नई दिल्ली: इंटरनेट पर अखबार की एक कटिंग वायरल हो रही है. इसमें एक बच्चे की फोटो है. ये फोटो आश्चर्य का विषय बनी हुई है क्योंकि इसमें मौजूद बच्चे की तीन आंखें हैं. इस कटिंग को कुछ दिन पहले सोशल प्लेटफॉर्म शेयरचैट डॉटकॉम पर पोस्ट किया गया था.

अखबार की क्लिप में लिखा है, ‘छत्तीसगढ़ के भाटापारा में एक महिला ने तीन आंखों वाले अद्भुत शिशु को जन्म दिया है. श्रीगणेश पक्ष की समाप्ति व पितृपक्ष के लगते ही टेहका गांव की एक महिला ने सरकारी अस्पताल में तीन आंखों वाले स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. इस शिशु को देखने के लिए अस्पताल में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, शिशु की तीन आंखें, दो नाभि और सिर पर एक मांसपिंड है, जिसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं. यह अद्भुत बालक शहर में कौतूहल का विषय बना हुआ है.’

सच क्या है?

अखबार की कटिंग में लिखी तीन आंखों वाले बच्चे के पैदा होने की बात सच है लेकिन ये वाकया हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि 6 साल पुरानी है. उस वक्त भी सोशल मीडिया पर इस बच्चे से जुड़ी कई पोस्ट की गईं थी.

क्या है पूरा मामला?

इस बच्चे का जन्म सितंबर, 2013 में भाटापारा के सरकारी अस्पताल में हुआ था. बच्चे के माता-पिता का नाम है सवाना बाई और धनीराम. ये बच्चा उनकी पहली संतान है. ये बच्चा तीन आंखों, दो नाभि और सिर पर मांसपिंड होने की वजह से दूसरे बच्चों से अलग था, इसलिए बच्चे को देखने के लिए बड़ी तादाद में लोग अस्पताल में जुटने लग गए थे. यही नहीं लोगों ने इस बच्चे को दैवीय चमत्कार भी बताया.

सच में है दैवीय चमत्कार?

इस मामले को लेकर शिशुरोग विशेषज्ञ गजेंद्र महिलांग का कहना है कि, ‘इस बच्चे का गर्भ में उचित विकास नहीं हो पाया जिसकी वजह से इसके सर में सिर को ढंकने वाली क्रीमियम हड्डी नहीं बन पाई. मैंने अपने कार्यकाल में इस तरह के चार-पांच केस देखे हैं.’

शिशु विशेषज्ञ के मुताबिक इस तरह के केस में बच्चे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं.

एक और शिशुरोग विशेषज्ञ के अनुसार, ‘ये कोई दैवीय चमत्कार नहीं है. ग्रामीण अपने हिसाब से तर्क दे रहे हैं, जबकि डॉक्टर्स की राय बिल्कुल अलग है.’

नतीजा- छत्तीसगढ़ में तीन आंखों वाले बच्चे के पैदा होने की बात तो सच है लेकिन 6 साल पुरानी है. वहीं डॉक्टर्स ने बच्चे के जन्म से दैवीय चमत्कार जुड़े होने की बात को भी नकारा है.

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