FaceApp पर खुद को बूढ़ा देखने के चक्कर में कहीं घनचक्कर तो नहीं बन रहे आप?

FaceApp रूस की कंपनी का ऐप है, ये बात अमेरिका में सीनेटर के लिए सिरदर्द बन गई है. इसको आपने कौन-कौन सी परमिशन दी है, पढ़ लीजिए.
FaceApp, FaceApp पर खुद को बूढ़ा देखने के चक्कर में कहीं घनचक्कर तो नहीं बन रहे आप?

अक्सर तेजी से ट्रेंड होने वाला कोई नया ऐप आता है तो हम उस पर हाथ आज़माने के लिए तुरंत उसे अपने फोन में डाउनलोड करते हैं और इस्तेमाल करने के लिए वो ऐप जितनी परमिशन मांगता है, आंख बंद करके सब दे देते हैं. ये एक आम यूजर बिहेवियर है. हम कभी भी ऐप के टर्म्स ऑफ यूज पर ध्यान नहीं देते. बात करते हैं हाल ही में आए FaceApp की. ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ऐप है जो एक खास एल्गोरिदम की मदद से आपके फेस को ट्रांसफॉर्म कर देता है. ये ऐप चर्चा में इसलिए है क्योंकि ये आपको टाइम ट्रैवल करवाता है. टाइम ट्रैवल यानी आप अभी से जान जाएंगे कि अब से 15-20 साल बाद या यूं कहिए कि बुढ़ापे में कैसे दिखेंगे.

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न केवल आम पब्लिक बल्कि सेलिब्रिटीज़ के बीच भी ये ऐप खासा पॉपुलर हो चुका है. वे इस ऐप की मदद से बनी अपने बुढ़ापे की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे हैं. लेकिन FaceApp जितनी तेजी से पॉपुलर हुआ उतनी ही तेजी से विवादों के घेरे में भी आ गया. संदेह जताया जा रहा है कि ये ऐप लोगों की जानकारियां चुरा सकता है. अमेरिका में सीनेटर चक शुमर ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए जांच की मांग की है. उन्होने इस ऐप को राष्ट्रीय सुरक्षा और निजता के लिए खतरा बताते हुए Federal Bureau of Investigation यानी एफबीआई और Federal Trade Commission से इसकी जांच की अपील की है.

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FaceApp को वायरलैस लैब्स कंपनी ने विकसित किया है जो रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित है. अमेरिकी सीनेटर चक शुमर को इसी बात का डर है कि ये एक रूसी कंपनी है. उनका कहना है कि यह ऐप मूलरूप से रूस का है और कंपनी कब अमेरिकी नागरिकों का डाटा किसी थर्ड पार्टी को या विदेशी सरकारों को मुहैया करा दे, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता. यहां तक कि डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़े सभी सदस्यों को तत्काल ये ऐप अपने फोन से हटाने का अलर्ट जारी किया है.

क्या कहती हैं FaceApp के इस्तेमाल की शर्तें

इस ऐप के इस्तेमाल की शर्तों में सारा पेंच यहां सामने आ जाता है. इसका Term of use कहता है कि
You grant FaceApp a perpetual, irrevocable, nonexclusive, royalty-free, worldwide, fully-paid, transferable sub-licensable license to use, reproduce, modify, adapt, publish, translate, create derivative works from, distribute, publicly perform and display your User Content and any name, username or likeness provided in connection with your User Content in all media formats and channels now known or later developed, without compensation to you.

आइए अब आपको समझाते हैं. इसका सीधा सा मतलब इतना है कि आपने FaceApp को ये लाइसेंस दे दिया है कि वो आपकी फोटो को जैसे चाहे, जब तक चाहे और जहां चाहे इस्तेमाल कर सकता है. साथ ही FaceApp उनके अधिकार किसी दूसरे को भी दे सकता है. मान लीजिए कभी आप मॉस्को में घूम रहे हों और वहां किसी बिलबोर्ड पर लगे किसी ऐड में आपकी तस्वीर लगी हो तो चौंकिएगा मत क्योंकि FaceApp को आपने ही तो ये लाइसेंस दिया था. यानी आप अपनी फोटो, अपना नाम और अपनी लोकेशन एक ऐसे ऐप डिवेलपर को सरेंडर कर रहे हैं जो रूस में बैठा हुआ है. फैसला आपके हाथ में है कि ये घबराने वाली बात है या नहीं.

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अभी तक तो ऐसा नहीं लगता कि FaceApp आपके डेटा का गलत इस्तेमाल कर रहा है लेकिन जरा सोचिए कि अब से 3 या 5 साल बाद इस डेटा से क्या-क्या हो सकता है. आखिर FaceApp हमारी फोटो के साथ क्या करता है? कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपकी फोटो का इस्तेमाल एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फेशियल रिकॉग्नीशन बॉट को ट्रेन किया रहा है. यानी कि वे एक फ्री ऐप की मदद से आपका डेटा लेकर उसे हार्वेस्ट कर रहे हैं और आपको उसकी भनक तक नहीं है.

कुछ समय पहले Cambridge Analytica Scandal सामने आया था जिसमें फेसबुक भी शामिल था. Cambridge Analytica ने “This is Your Digital Life” के नाम से फेसबुक पर एक ऐप रिलीज किया था. ये एक Personality Quiz थी, जिसमें ऊपरी तौर पर कुछ गलत नहीं दिखाई दे रहा था. कंपनी ने ऐड चलाए और हज़ारों लोगों ने इस Personality Quiz में हिस्सा लिया. लेकिन हकीकत में हुआ ये कि उन्होंने इस ऐप के जरिए लोगों का डेटा लिया, उनके राजनीतिक विचारों के बारे में जाना और उसी के आधार पर राजनीतिक विज्ञापन चलाए. तो कई बार ऊपर से दिखाई देता है कि ऐप से कोई खतरा नहीं है लेकिन पीछे की मंशा कुछ और ही हो सकती है जैसा कि Cambridge Analytica के मामले में हुआ. कौन जाने कि FaceApp के मामले में भी ऐसा ही कुछ पेंच हो. उसके टर्म्स ऑफ यूज को पढ़कर किसी को भी ऐसा लग सकता है. खासतौर से तब जब FaceApp के पास 15 करोड़ से भी ज्यादा लोगों की फोटो और नाम का एक्सेस हो.

FaceApp आपका कौन सा डेटा लेता है

FaceApp आपकी फोटो को क्लाउड सर्वर पर अपलोड करता है और उसे प्रोसेस करता है. हालांकि ऐप का एक्सेस पूरे कैमरा रोल पर होता है लेकिन क्लाउड पर वही फोटो अपलोड होती है जिसे आप सेलेक्ट करते हैं

कितने समय तक आपका डेटा रखता है FaceApp

कंपनी का कहना है कि “ज्यादातर” फोटोज़ को क्लाउड सर्वर से 48 घंटे बाद रिमूव कर दिया जाता है. अब यहां “ज्यादातर” का क्या मतलब है ये या तो भगवान जानता है या FaceApp वाले.

आपके डेटा के साथ क्या करता है FaceApp

वैसे तो आपने खुद ही FaceApp को पूरा अधिकार दिया है कि वे जब चाहे, जैसे चाहे और जहां चाहे आपकी फोटोज़ का इस्तेमाल कर सकता है. लेकिन कंपनी का कहना है कि वे आपके फेस मैप का इस्तेमाल केवल फेशियल आइडेंटिफिकेशन के लिए ही कर रहे हैं जो कि इस ऐप का main creator purpose है.

इस लेख का मकसद सिर्फ आपको आगाह करना है कि कहीं खुद को बूढ़ा देखने की चाह में आप कोई ऐसी ऐप तो डाउनलोड नहीं कर रहे हैं जिससे आपकी प्राइवेसी को खतरा हो.

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