Happy Birthday Doordarshan: जानें किसने दिया था नाम, इससे जुड़ी 10 रोचक बातें

उस वक़्त लोगों में टेलीविजन को लेकर इतना उत्साह था कि घंटों उसके आगे बैठे रहते थे. ये दूरदर्शन की लोकप्रियता ही थी कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान उसके कई धारावाहिकों को दोबारा टेलीकास्ट किया गया.
Doordarshan turns 61 today, Happy Birthday Doordarshan: जानें किसने दिया था नाम, इससे जुड़ी 10 रोचक बातें

आज दूरदर्शन (Doordarshan) अपनी 61वां जन्मदिन मना रहा है. 15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन की शुरुआत के साथ ही भारत में मनोरंजन और सूचना प्रसारण के एक नए युग की शुरुआत हुई थी. यकीन मानिए उस वक्त लोगों में टेलीविजन को लेकर इतना उत्साह था कि घंटों उसके आगे बैठे रहते थे. ये दूरदर्शन की लोकप्रियता ही थी कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान उसके कई धारावाहिकों को दोबारा टेलीकास्ट किया गया. आइए अब आपको बताते हैं दूरदर्शन से जुड़ी कुछ खास बातें.

*दूरदर्शन की शुरुआत दिल्ली में एक प्रायोगिक ब्रॉडकास्टर के रूप में हुई थी. उस समय, इसमें एक छोटा ट्रांसमीटर और एक मेकशिफ्ट स्टूडियो था.

* UNESCO ने दूरदर्शन के प्रसारण के लिए भारत को 20 हजार डॉलर और 180 फिलिप्स (Philips) टीवी के सेट दिए थे.

*शुरुआत में चैनल के पास कुल 180 टेलीविजन सेट थे. 1977 तक ये संख्या बढ़कर 2 लाख 25 हजार पहुंच गई.

*प्रारंभ में दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो का हिस्सा था. 1 अप्रैल 1976 को टेलीविजन सर्विस को अलग कर दिया गया था.

* मशहूर कवि सुमित्रानंदन पन्त ने ‘दूरदर्शन’ नाम दिया था.

*दूरदर्शन का लोगो नेशनल स्कूल ऑफ डिजाइन के छात्र देवाशीष भट्टाचार्य ने तैयार किया था.

* 1965 में दूरदर्शन पांच मिनट के समाचार बुलेटिन के साथ टेलीविजन सेट्स पर पहुंचा. वर्तमान में यह 21 चैनल संचालित करता है.

*26 जनवरी 1967 को  दूरदर्शन ने कृषि दर्शन कार्यक्रम प्रसारित किया, जो बाद में भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबा चलने वाला कार्यक्रम बन गया.

*दूरदर्शन ने  25 अप्रैल 1982 को भारत का पहला रंगीन टेलीकास्ट चलाया. तो वहीं डीडी नेशनल (DD National) चैनल की शुरुआत भी 1982 में की.

* ये दूरदर्शन धारावाहिकों की लोकप्रियता ही थी कि लॉकडाउन के दौरान दोबारा टेलीकास्ट किए गए ‘रामायण’ सीरियल ने सबसे ज्यादा देखे गए टीवी शो का रिकॉर्ड बनाया.

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