व्यंग्य: मैं मर जाउंगा सांस नहीं आ रही, मास्क उतार दूं क्या? मंत्री जी होते तो कहते- हां उतार दो इसमें क्या है…

इन्हें लगता है कि जनाब मंत्री हैं तो इन्हें कोरोना नहीं होगा और ना ही कोई इनसे जुर्माना मांग पाएगा. क्योंकि कानून तो ये खुद बनाते हैं फिर भला इनका कौन मास्क ना पहनने पर चालान काटेगा.

हे राम! सांस नहीं आ रही, मैं मर जाउंगा… कोई तो बचा लो मुझे मास्क पहनने से. ये हाल आज देश में लगभग सभी का है. क्योंकि कोरोना से बचना है और दूसरों को भी बचाना है तो मास्क तो पहनना ही पड़ेगा. लेकिन कुछ महानुभाव ऐसे भी हैं, जिनके लिए मास्क-वास्क ये सब बेकार की चीज है. ऐसा कहने और करने वालों में एक तो बहुत बड़े आदमी हैं और मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं. इनका नाम है नरोत्तम मिश्रा. आलम ये है कि ये ‘रिस्पेक्टड सर’ मध्यप्रदेश की जिस विधानसभा में मास्क पहनकर जाना अनिवार्य है, वहां भी बिना मास्क के ही नजर आए थे.

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इन्हें लगता है कि जनाब मंत्री हैं तो इन्हें कोरोना नहीं होगा और ना ही कोई इनसे जुर्माना मांग पाएगा. क्योंकि कानून तो ये खुद बनाते हैं फिर भला इनका कौन मास्क ना पहनने पर चालान काटेगा. हां, लेकिन आप, मैं या हम जैसा कोई और अगर बिना मास्क के दिखा तो उसकी खैर नहीं… सीधा पुलिस का डंडा आता है और निशान छोड़कर ही जाता है. अरे ये तो कुछ भी नहीं है. दिल्ली में अगर कार चला रहे हो, चारों शीशे बंद हैं और मास्क नाक की जगह मुंह पर है, तो भी पर्ची कट जाएगी. लेकिन इस सबसे मंत्री जी को घंटा फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने तो साफ बोल दिया, मास्क नहीं लगाया, तो इसमें क्या है. मैं लगाता ही नहीं हूं.

मिश्रा जी के इस वीडियो को देखकर कुछ का मन तो कर रहा है, इसे……….. दुनिया की नजरों से छिपा दें. कहीं किसी और ग्रह में भेज दें. क्योंकि जितना लोग इसे देखेंगे उतनी उनकी बुद्धि भी भ्रष्ट होगी. कोई तो भाई होगा जो एक बार, बस एक बार… इस तरह के बयान देने के बाद नेता लोगों से पूछे- कौन हैं आप लोग, कहां से आते हैं…

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खैर मंत्री जी के साथ भी ‘सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भुला नहीं कहते’ वाली ही बात है. अगले तो मंत्री हैं कुछ भी कर सकते हैं और गलती हो जाए तो फट से पलट भी सकते हैं. जैसा कि अक्सर नेताओं को करते देखा भी जाता है. नरोत्तम मिश्रा ने भी वही किया, आखिर उनके खून में भी तो राजनीति है. जब जगह-जगह उनके बयान पर हाय-हाय मची, तो तुरंत यू-टर्न लेते हुए बोले- मास्क पहनूंगा भी और दूसरों को पहनने की सलाह भी दूंगा.

टाइम रहते मिश्रा जी माफी मांग लिए, नहीं तो सच कह रहे हैं बहुत बद्दुआ लगती आपको…

नोट: इस लेख को मजे लेते हुए पढ़ें, क्योंकि टेंशन देने के लिए तो जीवन में और भी बहुत सी चीजें हैं…

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