भारतीय मूल की 11 साल की लड़की ने ब्रिटेन में कर दिया कमाल, जानें उपलब्धि

परिणाम घोषित होने के बाद से वह एक मिनी सेलिब्रेटी बन गई है, देशभर से दोस्त और रिश्तेदार जिया को बधाई दे रहे हैं.

नई दिल्ली: भारतीय मूल की 11 साल की लड़की ने हाई आईक्यू वाले ब्रिटिश मेनसा टेस्ट में टॉप स्थान हासिल किया है. जिया वदुचा नाम की इस लड़की को मेनसा सदस्यता क्लब में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है.

जिया वदुचा ने कैटल 3 बी पेपर में सबसे अधिक 162 अंक प्राप्त किए हैं.

जिया की मां बिजल ने कहा, ‘माता-पिता होने के नाते हमें जिया की उपलब्धि पर नाज है. जिया छोटी उम्र से ही विलक्षण प्रतिभा की धनी थी लेकिन 162 अंक प्राप्त करके उसने हमें पूरी तरह से हैरान कर दिया है.’

जिया की मां पेशे से अकाउंटेंट हैं और अपने पति जिग्नेश के साथ मिलकर शैनेल सॉल्यूशंस लिमिटेड नाम से एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी चलाती हैं.

उन्होंने कहा, ‘अब हमारे लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि जिया को उसकी क्षमता के हिसाब से मौक़ा दिलाना ही असल चुनौती है.’

जिया का बाकी परिवार मुंबई में रहता है. परिणाम घोषित होने के बाद से वह एक मिनी सेलिब्रेटी बन गई है, देशभर से दोस्त और रिश्तेदार जिया को बधाई दे रहे हैं.

उसके कई सहपाठी भी रिज़ल्ट आने के बाद से उससे ऑटोग्राफ मांग रहे हैं.

बिजल ने आगे कहा, ‘अकाउंटेंट, आईटी सलाहकार और परिवार के व्यवसाय से जुड़े लोगों से घिरे होने के कारण, जिया उन तमामा पेशे से बचना चाहती है जो उसे एक कमरे में बांध दे. वो अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का उपयोग कला और संगीत के क्षेत्र में करना चाहती है जिसमें उसकी दिलचस्पी है.’

मेनसा की सदस्यता उन सभी लोगों के लिए खुली है जो शीर्ष दो प्रतिशत में अपना आईक्यू दिखा सकते हैं.

ब्रिटिश मेनसा के मुख्य कार्यकारी जॉन स्टेवेनेज ने कहा, ‘जिया को अच्छा स्कोर करने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं. मुझे उम्मीद है कि वह मेनसा की सदस्यता का इस्तेमाल नए लोगों से मिलने और सीखने के लिए करेगीं.’

इस संस्थान ने हालांकि अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग जैसे जीनियस से तुलना को गलत बताया क्योंकि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि उन्होंने इस तरह का कोई टेस्ट दिया था. टेस्ट में 162 नंबर लाना बहुत मुश्किल है.

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क्या है मेनसा ?

मेनसा की स्थापना 1946 में इंग्लैंड में बैरिस्टर रोलैंड बेरिल और वैज्ञानिक डॉ लैंस वेयर द्वारा की गई थी. इस मंच के ज़रिए उच्च स्तर के आईक्यू वाले लोगों को संवाद के लिए एक बौद्धिक मंच दिया जाता है. विश्व के 100 देशों में मेनसा के करीब 1,20,000 सदस्य हैं. करीब 40 देशों में मेनसा के कई सक्रिय संगठन हैं.

मेनसा के सदस्यों का चयन सिर्फ और सिर्फ उच्च आईक्यू के आधार पर किया जाता है. इसके लिए औपचारिक पढ़ाई की कोई बाध्यता नहीं है. इसके सदस्यों में स्कूल ड्रॉपआउट भी हैं और कई विषयों में पीएचडी धारक भी.

भारत में मेनसा सोसायटी मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, चेन्नई, नासिक और बड़ौदा में सक्रिय है. इसके बारे में अधिक जानकारी आप इस वेबसाइट पर पा सकते हैं: www.mensaindia.org

मेनसा की सदस्यता उन्हीं को मिलती है, जो इसके तय इंटेलिजेंस टेस्ट में उच्च दो फीसदी का स्कोर हासिल करते हैं. इस टेस्ट में कुल 150 प्रश्न होते हैं. कई देशों में मेन टेस्ट से पहले एक प्री-टेस्ट होता है. अगर आप उसमें सफल होते हैं, तभी आपको मेन टेस्ट में बैठने का मौका मिलता है.

मेनसा की वेबसाइट पर आप अपने को आंकने के लिए एक प्रैक्टिस ऑनलाइन टेस्ट भी दे सकते हैं, जिसमें आपको 30 प्रश्नों के उत्तर आधे घंटे में देने होंगे. मेनसा को एक राउंड टेबल सोसायटी का ही रूप दिया गया है.

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