हीट स्ट्रोक से हुई छह साल की बच्ची की मौत, पानी की तलाश में गई थी मां

PCOME के मुताबिक 30 मई तक दक्षिणी एरिजोना में 58 प्रवाशियों की मौत दर्ज की गई है. ज्यादातर की मौत गर्मी से हुई. साल 2018 में 127 लोगों की मौत दर्ज की गई थी.

नई दिल्ली: अमेरिकी बॉर्डर पैट्रोल ने शुक्रवार को बताया कि भारत की छह वर्षीय एक लड़की गुरप्रीत कौर की एरिजोना के रेगिस्तान में हीट स्ट्रोक से मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बच्ची की मां उसे अन्य प्रवासियों के पास छोड़, पानी की तलाश में गई थी.

यूएस बॉर्डर पैट्रोल और पीमा काउंटी ऑफिस ऑफ द मेडिकल एग्जामिनर (PCOME) के मुताबिक गुरप्रीत उन्हें बुधवार को एरिजोना के ल्यूकविले में मिली. उनका कहना है कि इस इलाके में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा है. मालूम हो कि गुरप्रीत जल्द ही अपना सातवां जन्मदिन मनाने वाली थी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल गुरुप्रीत दूसरी प्रवासी बच्ची है जिसकी मौत एरिजोना के दक्षिणी रेगिस्तान में हुई. इस बात ने एक बार फिर भीषण गर्मियों में मध्य अमेरिका से आने वाले प्रवासी परिवारों के खतरे को उजागर किया है, जो अमेरिका-मैक्सिको सीमा पार कर शरण की तलाश में थे.

इमिग्रेशन अधिकारियों के अनुसार, बहुत बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक मैक्सिको से अमेरिका में प्रवेश कर रहे हैं. वे हजारों अफ्रीकी और एशियाई प्रवासियों के साथ अमेरिका अवैध तरीकों और तस्करों की मदद से घुसने की कोशिश कर रहे हैं.

22 घंटों तक रेगिस्तान में भटकती रही मां

तस्करों ने पांच लोगों के ऐसे ही एक समूह को मंगलवार को अमेरिकी बॉर्डर पर एक सूदूर इलाके में उतारा था. गुरप्रीत और उसकी मां इसी समूह में शामिल थे. ल्यूकविले में उतरने के बाद लड़की और उसकी मां कुछ दूर ही चले थे कि प्यास लगने पर महिला ने गुरप्रीत को एक और महिला और उसके बच्चे के साथ छोड़ पानी की तलाश में चली गई थी.

बॉर्डर पेट्रोल एजेंट्स के मुताबिक, “एक बार जब वे पानी की तलाश में गए तो उसके बाद उन्हें फिर कभी नहीं देखा गया.” अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल को मिलने के पहले गुरप्रीत की मां और दूसरी महिला 22 घंटों तक सोनोरान के रेगिस्तान और बीहड़ों में भटकती रहीं. बॉर्डर पेट्रोल ने महिलाओं को उनके पैरों के निशान से ढूंढा.

इसके चार घंटे बाद बॉर्डर पेट्रोल को बच्ची की लाश मिली. बच्ची की लाश अमेरिकी बॉर्डर से चंद मील दूर से बरामद हुई. PCOME के चीफ मेडिकल ऑफिसर के मुताबिक बच्ची की मौत हाइपरथर्मिया से हुई है. PCOME के मुताबिक 30 मई तक दक्षिणी एरिजोना में 58 प्रवाशियों की मौत दर्ज की गई है. ज्यादातर की मौत गर्मी से हुई. साल 2018 में 127 लोगों की मौत दर्ज की गई थी.

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