पाकिस्तान: अगवा सिख लड़की को सुरक्षाबलों ने छुड़ाया, धर्म परिवर्तन के बाद जबरन कराई गई थी शादी

पाकिस्तान (Pakistan) के रावलपिंडि से अगवा की गईं बुलबुल कौर (Bulbul Kaur) को सुरक्षा बलों ने मंगलवार आजाद कराया. उन्हें अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया था.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 8:18 pm, Tue, 22 September 20

पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी के अटॉक जिले से अगवा की गई मनमीत कौर (Manmeet Kaur) उर्फ बुलबुल को अपहरणकर्ताओं के कब्जे से छुड़ा लिया गया है. बुलबुल की मुलाकात उनके परिवार वालों से मंगलवार को हुई. उनका अपहरण करके जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था.

सिख समुदाय और भारत सरकार के साझा प्रयासों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ भारतीय विश्व मंच के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान ने मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की. बुलबुल को अगवाकर उनकी शादी एक लोकल मुस्लिम से करवा कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था.

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बुलबुल कौर को आजाद कराया और उनकी मुलाकात उनके परिवार वालों से कराई. हालांकि आगे की प्रक्रिया पूरी होने तक फिलहाल उन्हें दार-उल-अमन शेल्टर होम भेज दिया गया है.

31 अगस्त से थीं लापता

पवित्र गुरुद्वारे पंजा साहिब के ग्रंथी प्रीतम सिंह की 17 साल की बेटी बुलबुल कौर 31 अगस्त के बाद से लापता थीं. उनके अपहरण की खबर से भारत में सिख समुदाय के बीच गुस्सा और नाराजगी देखने को मिल रही थी.

सिख समाज के लोगों ने पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन भी किया. मंगलवार को महिलाओं ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई.

क्या होगा बुलबुल कौर का फैसला

अब देखने वाली बात यह होगी कि बुलबुल कौर अपनी मर्जी से अपने परिवार वालों के पास जाती हैं या अपने पति के पास. पाकिस्तान में जगजीत कौर मामले में ऐसा ही कुछ देखने को मिला था. जगजीत कौर को कुछ महीनों तक दार-उल-अमन में रखा गया लेकिन कोर्ट में हुईं सुनवाईयों के बाद वो अपने पति के साथ रहने लगी.

बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का जबरन धर्म परिवर्तन एक बड़ी समस्या है. बीते दिनों USCIRF की वार्षिक रिपोर्ट 2020 में कहा गया कि पाकिस्तान के हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों से अक्सर कम उम्र की लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए अगवा किया जाता है.