एक्सीडेंटल गुलाब जामुन बनी पाक की राष्ट्रीय मिठाई

इस्लामाबाद इस जहां में शायद ही कोई ऐसा हो जो गरमागरम गुलाब जामुन की सामने आयी प्लेट को इग्नोर करने का साहस जुटा पाता हो. गोल मटोल यह मिठाई लाजवाब है. रस से भरी बेहद मुलायम यह मिठाई अब आपके पड़ोसी देश पाकिस्तान की कमजोरी बोले तो राष्ट्रीय मिठाई बन गयी है. रुकिए, थोड़ा करेक्शन […]

इस्लामाबाद

इस जहां में शायद ही कोई ऐसा हो जो गरमागरम गुलाब जामुन की सामने आयी प्लेट को इग्नोर करने का साहस जुटा पाता हो. गोल मटोल यह मिठाई लाजवाब है. रस से भरी बेहद मुलायम यह मिठाई अब आपके पड़ोसी देश पाकिस्तान की कमजोरी बोले तो राष्ट्रीय मिठाई बन गयी है. रुकिए, थोड़ा करेक्शन है यहां. इसे एक्सीडेंटल गुलाब जामुन बोले तो ठीक रहेगा.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर हम इसे एक्सीडेंटल गुलाब जामुन क्यों कह रहे हैं. तो सुनिए इसकी भी एक कहानी है. पहली बार यह रस भरी मिठाई मध्यकालीन भारत में बनायी गयी थी. कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि इसके जन्म के पीछे मुग़ल बादशाह शाहजहां के निजी खानसामे का हाथ था. दरअसल हुआ ऐसा कि खानसामा बनाना कुछ और चाहते थे और एक्सिडेंटली बन कुछ और गया, जिसे आज की तारीख में आप गुलाब जामुन के नाम से जानते हैं. गुलाब जामुन फ़ारसी भाषा का शब्द है.

ट्विटर पर हुआ पोल

आखिर कौन हो पाकिस्तान की राष्ट्रीय मिठाई? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए सरकार ने बाकायदा एक ऑनलाइन पोल कराया था, जिसमें बर्फी और जलेबी को पीछे छोड़ते हुए गुलाब जामुन ने यह ताज हासिल कर लिया. बर्फी, जलेबी और गुलाब जामुन में से तकरीबन 15 हजार लोगों को किसी एक को चुनना था. ट्विटर में कराये गए इस पोल में 47 फीसदी ने गुलाब जामुन को पसंद किया जबकि 34 और 19 परसेंट लोगों ने क्रमशः जलेबी और बर्फी पर अपनी मुहर लगाई.