तालिबानियों पर लागू करे UN की सभी पाबंदियां, पाकिस्तान को अब अफगानिस्तान ने दी नसीहत

बयान में कहा गया है कि अफगानिस्तान (Afhanistan), पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) से आग्रह करता है कि वो अपने दायित्यों का पालन करे और उपर्युक्त प्रस्तावों को लागू करे.

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  • Publish Date - 9:38 am, Wed, 26 August 20
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (FILE)

अफगानिस्तान (Afghanistan) ने मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) से कहा है कि वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) के प्रतिबंधों को आतंकवादी समूहों पर लागू करे. ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने तालिबान के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की, जिसमें कई प्रतिबंधित नेता भी शामिल हुए थे.

18 अगस्त को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक रेगुलेटरी ऑर्डर जारी किया था जिसमें यूएन के प्रतिबंधों, जिसमें हक्कानी नेटवर्क और तालिबानी ऑपरेटर्स की संपत्ति फ्रीज़, यात्रा प्रतिबंध और हथियारों की पहुंच न होने देना शामिल है.

एक हफ्ते बाद तालिबानी समूह का प्रतिनिधिमंडल मिला

एक हफ्ते से भी कम समय के बाद तालिबानी समूह का प्रतिनिधिमंडल डिप्टी पॉलिटिकल चीफ मुल्ला अब्दुल गनी बरादर की अगुवाई में इस्लामाबाद में पाकिस्तान सरकार के निमंत्रण पर अफगान शांति प्रक्रिया वार्ता के लिए पहुंचा.

बयान में क्या बोला अफगानिस्तान

अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू करने में पाकिस्तान द्वारा जारी अधिसूचना पर सावधानीपूर्वक विचार और पूरी तरह से समीक्षा की गई. सभी राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों 2255, 1988, 1267 और 2253 का अनुपालन करने के लिए बाध्य हैं. अफगानिस्तान पाकिस्तान सरकार से आग्रह करता है कि पाकिस्तान अपने दायित्यों का पालन करने और उपर्युक्त प्रस्तावों को लागू करे.

बयान में कहा गया कि पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू करने का संकल्प लिया है. “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान लगातार इस दस्तावेज के कार्यान्वयन और इसके प्रस्तावों के कार्यान्वयन की प्रक्रिया की निगरानी और पालन करेगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधों के कार्यान्वयन, “विशेष रूप से वित्त पोषण में कटौती और आतंकवादी गतिविधियों और युद्ध और रक्तपात को रोकने की सभी देशों की जिम्मेदारी है.