कतर ने पाक को दिए 3 बिलियन डॉलर, एक दिन पहले शेख हमद को किया था सम्मानित

कतर चौथा देश है जो पिछले 11 महीनों के दौरान पाकिस्तान को डिफ़ॉल्टर होने से बचाने के लिए सामने आया है. इससे पहले चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी पाकिस्तान की आर्थिक मदद कर चुके हैं.

इस्लामाबाद: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से सम्मानित करने के अगले ही दिन यानी सोमवार को कतर ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता मुहैया कराई है. शेख तमीम बिन हमद पाकिस्तान से व्यापार के क्षेत्र में सहयोग करने और आतंक के वित्तपोषण पर रोक लगाने संबंधी कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे.

मालूम हो कि कतर चौथा देश है जो पिछले 11 महीनों के दौरान पाकिस्तान को डिफ़ॉल्टर होने से बचाने के लिए सामने आया है. इससे पहले चीन ने कमर्शियल लोन के रूप में 4.6 बिलियन डॉलर दिए थे. वहीं सऊदी अरब ने 3 बिलियन डॉलर नकद डिपोजिट और 3.2 बिलियन डॉलर की तेल सुविधा प्रदान की थी. संयुक्त अरब अमीरात ने भी 2 बिलियन डॉलर नकद डिपोजिट पाकिस्तान को दिया था.

कतर की ओर से वित्तीय सहायता की घोषणा उसके विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने की. आधिकारिक कतर न्यूज एजेंसी ने ट्वीट किया, “एचएच आमिर के निर्देशों पर, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने डिपोजिट और डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के रूप में 3 बिलियन डॉलर का निवेश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तना में किया है.

आतंक को रोकने के लिए कतर ने पाकिस्तान से किया है समझौता

उन्होंने कहा, ‘कतर-पाकिस्तान की आर्थिक साझेदारी 9 बिलियन डॉलर की होगी. कतर सभी देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, खेल और सांस्कृतिक स्तर पर संबंधों में और विकास के लिए अपनी इच्चा का दावा करता है.’ वित्त मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए कतर द्वार दी गई वित्तीय मदद की पुष्टि की है.

रविवार को पाकिस्तान ने यात्रा पर आए कतर के अमीर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से सम्मानित किया था. व्यापार और अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने के अलावा, पाकिस्तान और कतर ने धन शोधन से संबंधित वित्तीय खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाने के क्षेत्र में सहयोग पर हुए एक समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए.

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