जानें कौन हैं पाकिस्‍तान को दुनिया के लिए कैंसर बताने वाले अल्ताफ हुसैन

अल्ताफ हुसैन, जो एक जमाने में पाकिस्‍तान के हुक्‍मरानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, जब उसे लगा कि खतरा बढ़ गया है तो उसने ब्रिटेन में शरण मांगी और यहीं से अपनी राजनीति चलाता रहा.
कौन है अल्‍ताफ हुसैन, जानें कौन हैं पाकिस्‍तान को दुनिया के लिए कैंसर बताने वाले अल्ताफ हुसैन

नई दिल्‍ली: मुत्‍ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM), ये उस पार्टी का नाम है, जो पाकिस्‍तान में मुहाजिरों की नुमाइंदगी करती है. वही मुहाजिर जो 1947 में बंटवारे के वक्‍त पाकिस्‍तान चले गए थे.

मजहब के नाम पर हुए देश के बंटवारे के वक्‍त यूपी, बिहार, मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र आदि से पाकिस्‍तान पहुंचे इन मुसलमानों को पता नहीं था कि वे जहां जा रहे हैं, वहां उन्‍हें निचले दर्जे का नागरिक माना जाएगा और मुहाजिर कहकर पुकारा जाएगा. इन्‍हीं मुहाजिरों के सबसे बड़े नेता का नाम है- अल्ताफ हुसैन, जो एक जमाने में पाकिस्‍तान के हुक्‍मरानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, जब उसे लगा कि खतरा बढ़ गया है तो उसने ब्रिटेन में शरण मांगी और यहीं से अपनी राजनीति चलाता रहा. अब इसी अल्ताफ हुसैन पर ब्रिटेन की अदालत में आतंकवाद का चार्ज लगाया गया है.

स्कॉटलैंड यार्ड ने ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे अल्ताफ हुसैन पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. मेट्रोपॉलिटन पुलिस आतंकवाद रोधी कमान ने कहा कि ब्रिटेन के आतंकवाद अधिनियम 2006 की धारा 1 (2) के तहत आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप में अल्ताफ हुसैन लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होंगे.

आरोप है कि 22 अगस्त 2016 को अल्ताफ हुसैन ने आक्रामक भाषण दिया था, जिसके बाद उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कराची में एक मीडिया दफ्तर में तोड़फोड़ की और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए.

अल्ताफ हुसैन के समर्थकों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए कहा था, ‘पाकिस्‍तान पूरी दुनिया के लिए कैंसर है’. उत्तरी लंदन के मिल हिल में रहने वाले हुसैन को 11 जून को गिरफ्तार किया गया था और चार्ज फ्रेम होने तक उन्‍हें जमानत दे दी गई थी.

अल्ताफ हुसैन (65) ने 1990 के दशक में शरण मांगी थी और बाद में ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी. उन्होंने हालांकि पाकिस्तान के सबसे बड़े राजनीतिक दलों में शामिल एमक्यूएम पर पकड़ बरकरार रखी. एमक्यूएम का पाकिस्‍तान के कराची में काफी दबदबा है.

अल्ताफ हुसैन ने 1948 में आल पाकिस्तान मुजाहिर स्‍टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (APMSO) बनाया था. मुहाजिरों के मूवमेंट से 1984 में मुहाजिर कौमी मूवमेंट खड़ा हुआ. अल्ताफ हुसैन ने मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) स्‍थापना की और उर्दू भाषी मुहाजिरों के अधिकारों की लड़ाई शुरू की.

अल्ताफ हुसैन का पाकिस्‍तान में इतना रुतबा है कि उनके एक इशारे पर कराची जल उठता है. MQM का पाकिस्‍तान की राजनीति में बड़ा दबदबा है. यही कारण है कि पाकिस्‍तान के हुक्‍मरान अल्ताफ हुसैन से बेहद डरे भी रहते हैं.

अल्ताफ हुसैन के किसी भी बयान को पाकिस्तानी मीडिया में दिखाने की इजाजत नहीं है. लाहौर हाईकोर्ट ने 7 सितंबर 2015 को अल्ताफ की तस्वीर, वीडियो या बयान मीडिया में दिखाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया था.

अल्ताफ हुसैन के परिवार का भारत से भी रिश्‍ता जुड़ा है. अल्ताफ का परिवार आगरा में ही रहा करता था. अल्‍ताफ हुसैन के पिता भारतीय रेलवे में कार्यरत थे और आगरा में तैनात थे. 1947 में विभाजन के बाद बेहतर भविष्‍य की तलाश में उनका परिवार पाकिस्‍तान के कराची में जाकर बस गया. 1953 में अल्‍ताफ हुसैन का जन्‍म हुआ था.

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