अमेरिकी जनगणना में पहली बार सिखों को मिलेगी एक अलग ‘एथनिक ग्रुप’ की पहचान

सेन डिएगो के सिख समुदाय के अध्यक्ष बलजीत सिंह के मुताबिक सिख समुदाय के प्रयासों का फल मिला है. इससे अमेरिका में सिर्फ सिखों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य अल्पसंख्यक जातीय समूहों की अलग से गणना का रास्ता भी खुलेगा.

अमेरिका में इस साल से होने वाली जनगणना सिखों के लिए खास होने जा रही है. खास इसलिए क्योंकि अब अमेरिका में सिखों की अलग से जनगणना की जा सकती है यानि कि सिखों को अब अलग जातीय समूह का दर्जा मिलने का रास्ता साफ हो गया है.

सेन डिएगो के सिख समुदाय के अध्यक्ष बलजीत सिंह ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए इसे मील का पत्थर बताया.  बलजीत सिंह ने कहा कि सिख समुदाय के प्रयासों का फल उन्हें मिला है.  इससे अमेरिका में सिर्फ सिखों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य अल्पसंख्यक समूहों की अलग से गणना का रास्ता भी खुलेगा.

यूनाइटेड सिख नामक संगठन ने कहा , ये पहली बार होगा कि अमेरिका जनगणना में अल्पसंख्यक समूह की अलग से गणना की जाएगी और उसे अलग कोड मिलेगा. यूनाइटेड सिख के प्रतिनिधियों की अमेरिकी जनगणना विभाग के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हुई थी.

यूनाइटेड सिख पिछले दो दशकों से अमेरिकी फेडरल रजिस्टर के साथ वकालत करते रहे हैं कि सिखों को एक अलग समूह बनाया जाए, ताकि बड़े सिख मुद्दों को आसानी से एड्रेस किया जा सके.

यूएस सेंसस के उप निदेशक रॉन जैर्मिन के मुताबिक, सिखों के अलग कोड से ये स्पष्ट होगा कि अमेरिका में आखिर कितने सिख है. यूनाइटेड सिख के मुताबिक अमेरिका में सिखों की संख्या तकरीबन 10 लाख है.

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