18 साल पुराने संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और तालिबान के बीच हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता

दोहा में ऐतिहासिक अमेरिका-तालिबान शांति समझौते पर शनिवार को हस्ताक्षर का गवाह बनने के लिए लगभग 30 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि पहुंचे है.
US-Afghan declaration, 18 साल पुराने संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और तालिबान के बीच हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता

अमेरिका-अफगानिस्तान के बीच शनिवार को 18 महीनों की लंबी बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ है. समझौते के मुताबिक 14 महीने में अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से वापस लौट जाएंगी. अफगान सरकार से ये समझौता हुआ है. इस प्रक्रिया पर हस्ताक्षर के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो दोहा में मौजूद हैं, तो वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग काबुल में संयुक्त घोषणा के लिए पहुंचे हैं.

समझौते के मुताबिक अमेरिका अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या को 8,600 तक कम कर देगा और इस संयुक्त घोषणा और यूएस-तालिबान समझौते की घोषणा के 135 दिनों के भीतर यूएस-तालिबान समझौते की अन्य प्रतिबद्धताओं को भी लागू करेगा. इसी के साथ अमेरिका अपने साथियों और गठबंधनों के साथ यूएस-तालिबान समझौते के तहत निश्चित समय के दौरान अफगानिस्तान में गठबंधन बलों की संख्या को कम करने के लिए काम करेगा.

मालूम हो कि कतर के दोहा में ऐतिहासिक अमेरिका-तालिबान शांति समझौते पर शनिवार को हस्ताक्षर का गवाह बनने के लिए लगभग 30 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि पहुंचे. नाटो ने भी शनिवार को हुए इस समझौते का स्वागत किया है और इसे अफगानिस्तान में शांति लाने की ओर महत्वपूर्ण कदम बताया है.

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