आतंकी हाफिज की गिरफ्तारी को अमेरिका ने बताया ‘छलावा’, कहा- नहीं पड़ा कोई फर्क

ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि हमने यह पहले भी देखा है. हम ठोस कदम उठाए जाने की ओर देख रहे हैं न कि एक 'छलावे' की ओर.

hafiz saeed, हाफिज सईद

नई दिल्ली: अमेरिका ने पाकिस्तान द्वारा की गई आतंकी हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर शक जताया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान पहले भी कई बार हाफिज को गिरफ्तार कर चुका है लेकिन उसके आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा पर कोई असर नहीं पड़ा है.

‘हमने यह पहले भी देखा है’
ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, “हमने यह पहले भी देखा है. हम ठोस कदम उठाए जाने की ओर देख रहे हैं न कि एक ‘छलावे’ की ओर. हमें इस बात की दुविधा नहीं है कि पाकिस्तान सैन्य खुफिया एजेंसियां इन आतंकी समूहों की मदद करती हैं. इसलिए हम ठोस कदम का इंतजार कर रहे हैं.”

अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमने देखा है कि पाकिस्तान ने कुछ आतंकी समूहों की संपत्तियां जब्त की हैं. यह भी सही है कि हाफिज सईद को गिरफ्तार किया गया है जो 2008 में मुंबई में हुए हमले का आरोपी है. लेकिन उसकी गिरफ्तारी 7 बार हो चुकी है और फिर बाद में छोड़ दिया गया. इसलिए हमारा रुख उसकी गिरफ्तारी को लेकर बिलकुल साफ है.

‘2 साल का भारी दबाव आया काम’
गौरतलब है कि आतंकवादी हाफिज सईद को गिरफ्तार किए जाने का श्रेय लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस मामले में पिछले दो साल से बनाया गया भारी दबाव काम आया. सईद को मुंबई आतंकी हमले का ‘तथाकथित मास्टमाइंड’ बताते हुए ट्रंप ने कहा कि दस साल की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है.

हाफिज सईद की गिरफ्तारी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ट्रंप से मुलाकात से पहले पाकिस्तान द्वारा अमेरिका से संबंध बेहतर करने की कोशिश से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. पाकिस्तान तालिबान को बातचीत की मेज पर लाकर अफगानिस्तान में शांति बहाली का समाधान तलाशने की दिशा में अमेरिका, रूस और चीन के साथ पाकिस्तान भी शामिल हुआ है.

ये भी पढ़ें-

“अराजकता फैली है, उन्हें अपने महलों से निकलकर देखना चाहिए”, सोनभद्र नरसंहार पर बोलीं प्रियंका

ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक के ससुर पर लगा रेप का आरोप, BSF में तैनात है पीड़िता

दिल्ली: अचानक झुकी गई पांच मंजिला इमारत, दहशत में आए लोग, मुंबई जैसा हो सकता था हादसा

Related Posts