आर्मेनिया ने अजरबैजान के टैंक, हेलीकॉप्टर तबाह किए, देश में लगाया मार्शल लॉ

आर्मेनिया (Armenia) ने देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया है. आर्मेनिया ने अपनी सेना को बॉर्डर की ओर बढ़ने का आदेश दिया है. दोनों ही देशों ने हमले में सामान्य नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.

Armenia
सीमा पर तैनात किए गए आर्मेनिया के टैंक.

सोवियत रूस से अलग हुए आर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के बीच जमीन के एक हिस्से को लेकर जंग छिड़ गई है. दोनों देशों ने एक दूसरा के खिलाफ युद्ध का ऐलान करते हुए टैंक, तोप और लड़ाकू हेलीकॉप्टर मैदान में उतार दिए हैं.

इसी बीच आर्मेनिया ने देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया है. आर्मेनिया ने अपनी सेना को बॉर्डर की ओर बढ़ने का आदेश दिया है. दोनों ही देशों ने हमले में सामान्य नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है. नागोर्नो-कराबाख (Nagorno-Karabakh) क्षेत्र को लेकर विवाद है. 1994 के युद्ध के बाद से अजरबैजान का कंट्रोल इस क्षेत्र से छूट गया और आर्मेनिया ने अपना कब्जा जमा लिया.

आर्मेनिया ने गिराए दुश्मनों के हेलीकॉप्टर

आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान जारी करते हुए कहा गया है कि अजरबैजान की सेना ने क्षेत्रीय राजधानी Stepanakert के रिहायशी इलाकों पर हमला शुरू किया.

जिसके जवाब में हमारे सुरक्षाबलों ने अजरबैजान के दो हेलीकॉप्टर और तीन ड्रोन को मार गिराया है. इसके अलावा तीन टैंक भी ध्वस्त किए गए हैं. आर्मेनिया ने टैंकों को निशाना बनाने का वीडियो जारी किया है.

अजरबैजान कर रहा जवाबी कार्रवाई

आर्मेनिया के जवाब में अजरबैजान ने कहा कि सशस्त्र बलों की युद्धक गतिविधि को दबाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरे मोर्चे पर हमारे जवान तैनात हैं.

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अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आर्मेनिया के हमले में उसके कई नागरिकों की जान गई है. उसकी सेना का एक हेलीकॉप्टर भी क्रैश हुआ है, लेकिन पायलट सुरक्षित है.

रूस ने युद्धविराम की अपील की

रूस के रक्षामंत्रालय ने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की है. रूस ने कहा है कि वह इस मामले पर मध्यस्थता कर सकता है, लेकिन पहले युद्धविराम करना होगा.

अजरबैजान के पक्ष में आया तुर्की

तुर्की की सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ता ओमार सेलिक ने ट्वीट करते हुए कहा कि ””हम अजरबैजान पर अर्मेनिया के हमले की निंदा करते हैं. आर्मेनिया ने कानून की अनदेखी करते हुए एक बार फिर उकसाने का काम किया है. हम अजरबैजान के साथ हैं. अर्मेनिया आग के साथ खेल रहा है.”

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तुर्की के राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलीन ने ट्वीट करते हुए कहा कि अर्मेनिया ने नागरिकों पर हमला कर सीजफायर का उल्लंघन किया है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए.

क्या है जंग का कारण

दोनों देशों के बीच 4400 वर्ग किलोमीटर में फैले नागोर्नो-काराबाख नाम के क्षेत्र को लेकर विवाद है. नागोर्ना-काराबाख इलाका अंतर्राषट्रीय रूप से अजरबैजान का हिस्सा है. लेकिन उस पर आर्मेनिया के जातीय गुटों का कब्जा है. 1991 में इस इलाके के लोगों ने खुद को अजरबैजान से स्वतंत्र घोषित करते हुए आर्मेनिया का हिस्सा बताया था. जिसे असरबैजान ने खारिज कर दिया था और दोनों देशों के बीच जंग चल रही है.

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