युद्धविराम की दूसरी कोशिश नाकाम, आर्मेनिया का आरोप- अजरबैजान ने फिर दागे गोले

नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र आजरबैजान के क्षेत्र में आता है, लेकिन इस पर 1994 से आर्मीनिया समर्थित आर्मीनियाई जातीय समूहों का नियंत्रण है. नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर आजरबैजान और आर्मीनियाई बलों के बीच 27 सितंबर को संघर्ष शुरू हुआ था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:07 am, Sun, 18 October 20
आर्मीनिया ने लगाया संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप (File Photo)

आर्मेनिया और अजरबैजान ने नागोर्नो-काराबाख को लेकर जारी तनाव के बीच एक बार फिर आधी रात से संघर्ष विराम समझौता लागू करने की कोशिश की. इससे एक सप्ताह पहले भी रूस की मध्यस्थता से दोनों के बीच संघर्ष विराम को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन इसके लागू होने के कुछ ही देर बाद इसका उल्लंघन हो गया था और दोनों पक्षों ने इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया था.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर बातचीत के बाद आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों ने नए समझौते की घोषणा की. लावरोव ने दोनों देशों से मॉस्को समझौते का पालन करने की अपील की.

नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र अजरबैजान के क्षेत्र में आता है, लेकिन इस पर 1994 से आर्मेनिया समर्थित आर्मेनियाई जातीय समूहों का नियंत्रण है. नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर अजरबैजान और आर्मेनियाई बलों के बीच 27 सितंबर को संघर्ष शुरू हुआ था, जिसमें सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. करीब 25 वर्षों के दौरान दोनों देशों के बीच इतने बड़े पैमाने पर छिड़ी यह पहली लड़ाई है.

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आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान

आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अजरबैजान ने संघर्ष विराम के प्रभाव में आने के 4 मिनट बाद संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रालयों ने शनिवार को एक बयान में कहा कि वे संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे, जो स्थानीय समयानुसार आधी रात को शुरू होना था. अज़रबैजान ने इन आरोपों पर अभी तक कुछ भी नहीं कहा है.

शुशन स्टीफनन, आर्मेनिया के रक्षा मंत्री के प्रेस सचिव ने ट्वीट किया एक बार फिर मानवीय संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए दुश्मन ने उत्तरी दिशा में 00:04 से 02:45 तक गोले दागे, और दक्षिणी दिशा में 02:20 से 02:45 तक रॉकेट से हमला किया. अज़रबैजान गणराज्य के रक्षा मंत्रालय ने वीडियो जारी किया जिसमें फ़िज़ुली शहर और आसपास के कई गांवों को कथित तौर पर शहर की मुक्ति कहा. सुप्रीम कमांडर-इन-चीफ, राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा आज फ़िज़ुली शहर और आसपास के कई गांवों से मुक्ति की ख़बर तुरंत नागरिकों तक पहुंचाई जाती है.

इससे पहले आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर नागोर्नो-करबख क्षेत्र में नए हमलों के आरोप लगाए. रूस के द्वारा कराई गई संधि का भी कुछ असर नहीं दिखा. तीसरे सप्ताह भी दोनों देशों के बीच लड़ाई जारी है.

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