चीन को तोड़ने की कोशिश की तो हड्डियां तोड़ दूंगा; पढ़िए, शी जिनपिंग ने किसे चेताया?

बीजिंग भारत में रह रहे दलाई को चीन को विभाजित करने की कोशिश करने के वाले एक अलगाववादी के तौर पर देखता है.

‘किसी ने चीन को तोड़ने की कोशिश की तो उसकी हड्डी-पसली तोड़ दी जाएगी.’ नेपाल दौर पर पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चेतावनी देते हुए यह बात कही. माना जा रहा है यह चेतावनी हांगकांग में हो रहे विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दी गई है.

नेपाल के नेताओं से बातचीत के दौरान जिनपिंग ने कहा, ”अगर चीन के किसी भी हिस्से में मुल्क को बांटने की कोशिश की तो उसकी हड्डियां तोड़ दी जाएंगी. किसी बाहरी ताक़त ने ऐसी कोशिशों का समर्थन किया तो वो चीन की नज़र में दिन में सपने देखने वाले लोग हैं.”

हालांकि चीन के इस बयान को नेपाल स्थिति तिब्बती एक्टिविस्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि ये लोग राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे का विरोध कर रहे थे.

इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, नेपाल के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक वार्ता की और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सहयोग की रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया. इसके अलावा‘ट्रांस हिमालयन’ रेलवे लाइन बिछाने की योजना सहित कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये गये.

शी ने शनिवार को नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के साथ अपनी बैठक के दौरान नेपाल के विकास कार्यक्रमों के लिये 56 अरब नेपाली रुपये की मदद की घोषणा की. पिछले 23 बरसों में नेपाल की यात्रा करने वाले शी पहले चीनी राष्ट्रपति हैं.

चीनी राष्ट्रपति ने काठमांडू और तातोपानी ट्रांजिट बिंदु को जोड़ने वाले अरनिको हाईवे को उठाने का संकल्प लिया. इसे नेपाल में आये 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद बंद कर दिया गया था.

उन्होंने संपर्क बढ़ाने के लिये और अधिक सीमा चौकियां खोलने का भी संकल्प लिया. तिब्बत के साथ नेपाल एक लंबी सीमा साझा करता है और करीब 20,000 निर्वासित तिब्बती इस देश में रहते हैं.

बीजिंग भारत में रह रहे दलाई को चीन को विभाजित करने की कोशिश करने के वाले एक अलगाववादी के तौर पर देखता है.