सारे ऑस्‍ट्रेलियाई अखबारों का फ्रंट पेज काला क्‍यों है?

ऑस्‍ट्रेलिया में फ्री स्‍पीच को लेकर संविधान में कोई व्‍यवस्‍था नहीं है. वहां के मानहानि कानून बेहद जटिल हैं और दुनिया में सबसे कड़े माने जाते हैं.

ऑस्‍ट्रेलिया के लोग जब सोमवार सुबह सोकर उठे तो अखबार पर नजर डाल हैरान हो गए. ऑस्‍ट्रेलियाई अखबारों ने प्रेस की स्‍वतंत्रता पर बंदिशों का अनूठे ढंग से विरोध किया है. वहां के शीर्ष अखबारों ने फ्रंट पेज पर ख़बरों को काला कर दिया.

The Australian, The Sydney Morning Herald, The Daily Telegraph और Australian Financial Review जैसे बड़े अखबार इस मुहिम में शामिल हैं. देशभर के टीवी नेटवर्क्‍स पर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं. इनमें दर्शकों से पूछा जा रहा है, “जब सरकार आपसे सच छिपाती है तो वह किस चीज की लीपापोती कर रही है?”

ऑस्‍ट्रेलिया, सारे ऑस्‍ट्रेलियाई अखबारों का फ्रंट पेज काला क्‍यों है?

‘ऑस्‍ट्रेलिया में प्रेस फ्रीडम पर हमला’

हाल ही में फेडरल पुलिस ने नेशनल ब्रॉडकास्‍टर ABC और न्‍यूजकॉर्प की पत्रकार एन्निका स्‍मेथर्स्‍ट के घर पर छापेमारी की थी. यह उन दो खबरों के लिए की गई कार्रवाई थी जो सरकार के लिए शर्मिंदगी लेकर आईं.

छापेमारी के बाद तीन पत्रकारों पर आपराधिक मुकदमे हुए हैं. स्‍मेथर्स्‍ट की खबर थी कि सरकार ऑस्‍ट्रेलियाई नागरिकों पर जासूसी की योजना बना रही है. वहीं, ABC ने अफगानिस्‍तान में ऑस्‍ट्रेलिया की स्‍पेशल फोर्सेज के कथित वार क्राइम्‍स का खुलासा किया था.

ऑस्‍ट्रेलिया में फ्री स्‍पीच को लेकर संविधान में कोई व्‍यवस्‍था नहीं है. 2018 में सरकार ने व्हिसलब्‍लोअर्स की सुरक्षा के लिए एक प्रावधान किया था. हालांकि मीडिया संस्‍थानों का कहना है कि प्रेस की स्‍वतंत्रता अभी तक बेड़‍ियों में है. वहां के मानहानि कानून बेहद जटिल हैं और दुनिया में सबसे कड़े माने जाते हैं.

ये भी पढ़ें

VIDEO: रणभूमि में जंगी हथियारों का ट्रेलर दिखा रहे दुनिया के ताकतवर मुल्क, बज चुका है वर्ल्ड वार का सायरन!

आवाज से पांच गुना ज्‍यादा तेज रफ्तार, जानें DRDO की हाइपरसोनिक मिसाइल्‍स में क्‍या होगा खास