पाकिस्तान से आजादी के लिए PM मोदी से मदद मांगने ह्यूस्टन पहुंचे बलूच, सिंधी और पश्तो समूह

इन समूहों के सदस्यों ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान उनके समुदायों के खिलाफ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहे हैं.

सिंधी, बलूच और पश्तो समूहों के प्रतिनिधि पाकिस्तान से आजादी हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान आकर्षित करने के लिए रविवार को एनआरजी स्टेडियम के सामने प्रदर्शन करने के लिए ह्यूस्टन में इकट्ठे हुए हैं. बलूची अमेरिकी, सिंधी अमेरिकी और पश्तो अमेरिकी समुदायों के करोड़ों सदस्य शनिवार को अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से आकर ह्यूस्टन पहुंचे हैं ताकि वे सामूहिक रूप से भारत और अमेरिका से आग्रह करेंगे कि उन्हें पाकिस्तान से आजादी दिलाने में मदद करें.

इन समूहों के सदस्यों ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान उनके समुदायों के खिलाफ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहे हैं. शनिवार को 100 से ज्यादा सिंधी अमेरिकी ह्यूस्टन पहुंचे. वे एनआरजी स्टेडियम के बाहर इकट्ठा होने की योजना बना रहे हैं, जहां रविवार को “हाउडी मोदी” कार्यक्रम होने वाला है. सिंधी अमेरिकी लोग इस उम्मीद के साथ वहां इकट्ठा हो रहे हैं कि उनके पोस्टर और स्वतंत्रता के बैनर मोदी और ट्रंप का ध्यान आकर्षित करेंगे.

एक सिंधी कार्यकर्ता का कहना है कि “यह स्वतंत्र दुनिया के नेताओं की एक ऐतिहासिक रैली है – सबसे बड़ा और सबसे पुराना लोकतंत्र. हम सिंध के लोग पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. जैसे भारत ने 1971 में बांग्लादेश की आजादी के लिए समर्थन किया था, वैसे ही हम सिंध के लोगों के लिए एक अलग राष्ट्र चाहते हैं.”

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