बांग्‍लादेशी PM शेख हसीना ने CAA पर कहा, ‘नहीं समझ आता कि भारत सरकार ने ऐसा क्यों किया’

बांग्‍लादेश उन तीन देशों में से एक है जिनका नागरिकता संशोधन कानून में जिक्र है.

बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि भारत के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की ‘जरूरत नहीं’ थी. हालांकि उन्‍होंने इसे नई दिल्‍ली का ‘आंतरिक मामला’ बताया. संयुक्‍त अरब अमीरात दौरे पर गल्‍फ न्‍यूज से बातचीत में हसीना ने CAA पर प्रतिक्रिया दी. उन्‍होंने कहा, “हम नहीं समझते कि (भारत की सरकार ने) ऐसा क्‍यों किया? इसकी जरूरत नहीं थी.”

शेख हसीना ने आगे कहा, “नहीं, भारत से कोई रिवर्स माइग्रेशन नहीं होता. लेकिन भारत के भीतर, लोग बहुत सी परेशानियों से जूझ रहे हैं. फिर भी… यह एक आतंरिक मामला है.” उन्‍होंने कहा, “बांग्‍लादेश ने हमेशा कहा है कि CAA और NRC (नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस) भारत के अंदरूनी मसले हैं.”

बांग्‍लादेशी PM ने कहा, “भारत सरकार ने भी बार-बार यही कहा है कि NRC भारत की आंतरिक प्रक्रिया है और अक्‍टूबर 2019 में मेरी नई दिल्‍ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने व्‍यक्तिगत रूप से मुझे ऐसा विश्‍वास दिलाया था.”

बांग्‍लादेश उन तीन देशों में से एक है जिनका नागरिकता संशोधन कानून में जिक्र है. यह कानून 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश से धार्मिक प्रताड़ना के शिकार होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्म के लोगों को नागरिकता देता है.

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