मीटिंग से पहले चीन की सरकारी मीडिया के बिगड़े बोल, लिखा- एक इंच जमीन नहीं देगा बीजिंग

चीन (China) के ग्लोबल टाइम्स (Global Times) अखबार के संपादकीय में कहा गया, "बीजिंग एक इंच भी जगह नहीं छोड़ेगा, लेकिन नई दिल्ली के साथ अच्छे-पड़ोसी जैसे संबंध चाहता है."
Before the meeting Chinese government media, मीटिंग से पहले चीन की सरकारी मीडिया के बिगड़े बोल, लिखा- एक इंच जमीन नहीं देगा बीजिंग

भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद (Indo-China Border Dsipute) कहां तक चलेगा इस पर तो कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस मामले पर चीन (China) के तेवर कुछ सही नहीं लग रहा हैं, ऐसा इसलिए कि चीन के एक सरकारी अखबार में कहा गया, “बीजिंग एक इंच भी जगह नहीं छोड़ेगा, लेकिन नई दिल्ली के साथ अच्छे-पड़ोसी जैसे संबंध चाहता है.” साथ ही चेतावनी भरे लहजे में यह भी लिखा गया कि “वॉशिंगटन भारत को बेवाकूफ न बनाए.”

हाई लेवल मीटिंग से एक दिन पहले ऐसे तेवर

दरअसल ये सभी बातें चीन के ग्लोबल टाइम्स (Global Times) अखबार के संपादकीय में लिखी गई है और हैरानी की बात ये है कि LAC पर टकराव के मुद्दे को लेकर भारत-चीन के बीच हुई हाई लेवल मीटिंग से पहले इस तरह की बात सामने आई है.

भारत को अपना दुश्मन बनाने का कोई कारण नहीं’

शुक्रवार को संपादकीय में कहा गया, “चीन भारत की दुर्गति नहीं करना चाहता. पिछले दशकों में अच्छे-पड़ोसी संबंध चीन की मूल राष्ट्रीय नीति रही है और चीन सीमा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का दृढ़ता से पालन करता है. भारत को अपना दुश्मन बनाने का हमारे पास कोई कारण नहीं है. ”

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‘चीन किसी भी क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा’

इसमें आगे कहा गया “लेकिन चीन किसी भी क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा. चीन इसका बड़ी मजबूती से विरोध करेगा. हमारा मानना ​​है कि भारत अच्छी तरह से जानता है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह के सैन्य अभियान में चीन का कोई नुकसान नहीं होगा.”

‘सीम पर किसी भी तरह के ऑपरेशन से चीन को नुकसान नहीं’

दैनिक अखबार में यह भी कहा गया कि भारत चीन के सहयोग के साथ एक शांतिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय वातावरण का आनंद लेगा, लेकिन अगर दोनों देशों को सीमा के मुद्दे पर तनातनी का सामना करना पड़ता है, तो पूरे हिमालयी क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप को अस्थिरता का सामना करना पड़ेगा. कोई बाहरी ताकत इसे बदल नहीं सकती. सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और मैत्रीपूर्ण सहयोग दोनों देशों के हितों के अनुरूप है.

‘अमेरिका भारत को मूर्ख न बनाए’

संपादकीय में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा गया कि अमेरिका (America) केवल अपन रणनीतिक हितों का बचाव करना जनता है, इसलिए वो भारत मूर्ख न बनाए. इसमें कहा गया, “अमेरिका दो पड़ोसी देशों के बीच फूट डालने का काम कर रहा है. भारत और चीन के सीमा विवाद में वो अपना फायदा न देखे.”

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