ब्रेक्जिट प्रस्ताव पर बोरिस जॉनसन ने खोया बहुमत, संसद पर सांसदों का कब्जा

बोरिस जॉनसन ने संसद में मिली हार के बाद कहा कि वो आम चुनाव करवाने के लिए जल्द ही प्रस्ताव रखेंगे.

लंदन: ब्रिटेन की संसद में बोरिस जॉनसन की नो डील ब्रेक्ज़िट यानी कि यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के अलग होने के फ़ैसले को करारा झटका लगा है. सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी के विद्रोही सांसदों ने विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर सरकार को संसद में हरा दिया है.

बोरिस जॉनसन जुलाई में ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे. बोरिस जॉनसन के लिए संसद में ये पहली परीक्षा थी. लेकिन ब्रेग्ज़िट मुद्दे पर हुई वोटिंग में उन्हें केवल 301 सांसदों समर्थन दिया जबकि 328 सांसदों ने उनका विरोध किया. बोरिस जॉनसन की हार का मतलब यह हुआ कि अब वहां के संसद पर सांसदों का प्रभाव होगा.

बता दें कि बोरिस जॉनसन ने चुनाव से पहले कहा था कि डील हो या ना हो, 31 अक्तूबर तक ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा. लेकिन टोरी के बागियों और विपक्षी दल के नेताओं ने एकजुट होकर नो डील ब्रेक्ज़िट प्रस्ताव को गिरा दिया.

बोरिस जॉनसन ने संसद में मिली हार के बाद कहा कि वो आम चुनाव करवाने के लिए जल्द ही प्रस्ताव रखेंगे.

बोरिस जॉनसन ने कहा, ‘चूंकि मैं उनकी योजना को नहीं मानता, इसलिए हमें फ़ैसला करना पड़ेगा. मैं नहीं चाहता चुनाव हो, जनता नहीं चाहती कि चुनाव हो, मगर कल अगर ये बिल पास हो गया, तो जनता को चुनाव करना होगा कि 17 अक्तूबर को इस मसले को सुलझाने और देश को आगे ले जाने के लिए ब्रसेल्स कौन जाएगा.’

कुल मिलाकर 21 टोरी सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्रियों और विपक्षी दलों ने मिलकर बोरिस जॉनसन की सरकार को हराया है.

संसद में मतदान का नतीजा आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि जिन टोरी सांसदों ने बग़ावत की, उनसे व्हिप छीन लिया जाएगा.

वहीं विपक्षी दल के नेता, लेबर सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि प्रधानमंत्री को बुधवार यानी आज नो-डील का विरोध करने वाले प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए.

जेरेमी कॉर्बिन ने कहा, ‘मैं मतदान पर आए फ़ैसले का स्वागत करता हूं. हम एक संसदीय लोकतंत्र में रहते हैं, राष्ट्रपति वाले लोकतंत्र में नहीं. प्रधानमंत्री हाउस ऑफ़ कॉमन्स की सहमति से शासन चलाते हैं जो जनता की प्रतिनिधि है. वो आम चुनाव के लिए प्रस्ताव लाना चाहते हैं, उससे कोई दिक्कत नहीं है. मगर उससे पहले उन्हें उस बिल को पास करवाना चाहिए जो बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से अलग होने का विरोध करता है.’

यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने के लिए होने वाले अहम मतदान से पहले कंजरवेटिव पार्टी के एक सांसद के दल-बदल कर ‘ब्रेक्ज़िट’ विरोधी लिबरल डेमोक्रेट पार्टी में शामिल हो जाने से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को संसद में अपना बहुमत खो दिया.

गर्मियों के लंबे अवकाश के बाद सांसदों के साथ होने वाली चर्चा के लिए जॉनसन के हॉउस ऑफ कामंस पहुंचते ही फिलिप ली ने दल-बदल कर लिया.

जॉनसन ने जैसे ही सदन को संबोधित करना शुरू किया, ब्रैकनेल सांसद फिलिप ली विपक्षी दल की सीट पर जा कर बैठ गये.

ली ने एक बयान में कहा, “जिस पार्टी में मैं 1992 में शामिल हुआ वह मेरी पार्टी नहीं रही, मैं आज उसे छोड़ रहा हूं.” उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर राजनीतिक रूप से चीजों को प्रभावित करने, धौंस देने और झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया.

पूर्व न्याय मंत्री ने कहा कि सरकार असैद्धांतिक तरीके से ब्रेक्ज़िट को नुकसान पहुंचा रही है और लोगों के जीवन एवं आजीविका को जोखिम में डाल रही है.

ली ने जॉनसन को लिखे एक पत्र में कहा है कि कंजरवेटिव पार्टी एक संकुचित धड़ा बन गई है जिसमें किसी की वफादारी इस बात से माफी जाती है कि वह कितनी लापरवाही से यूरोपीय संघ को छोड़ना चाहता है.

इस बीच, डाउनिंग स्ट्रीट ने संकेत दिया है कि जॉनसन अक्टूबर में आम चुनाव कराये जाने के लिए तैयार हैं.