अमेरिका : CDC ने हवा में कोरोना फैलने और संक्रमण की गाइडलाइन को वेबसाइट से हटाया

CDC के प्रवक्ता जेसन मैकडोनाल्ड ने कहा कि ”संस्था हवा में संक्रमण फैलने को लेकर अपनी सिफारिशों को दोबारा अपडेट कर रही है और जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिसके बाद उसे दोबारा वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया जाएगा.”

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 11:48 pm, Tue, 22 September 20

अमेरिका (America) की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने कोरोना वायरस (Corona Virus) के एयरबॉर्न ट्रांसमिशन (Airborne Transmission) होने की बात को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है. एजेंसी का कहना है कि उसने गलती से यह अपडेट कर दिया था.

CDC के संक्रामक रोगों के उप निदेशक जे बटलर ने कहा कि, “दुर्भाग्य से एक संशोधन का प्रारंभिक मसौदा बिना किसी तकनीकी समीक्षा के अपलोड हो गया. हमने उसे हटा लिया है. यह हमारी गलती से हुआ है.”

हालांकि CDC अधिकारियों ने भले ही गलती मान ली हो लेकिन इसे लेकर डेमोक्रेटिक सांसदों में अविश्वास पैदा हो गया है. सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने ट्वीट करते हुए कहा कि ”चाहे जो हो हम इसकी जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि आखिर वेबसाइट से यह जानकारी क्यों हटाई गई है.”

CDC के प्रवक्ता जेसन मैकडोनाल्ड ने कहा ”संस्था हवा में संक्रमण फैलने को लेकर अपनी सिफारिशों को दोबारा अपडेट कर रही है और जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिसके बाद उसे दोबारा वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया जाएगा.” CDC की नई गाइडलाइन कहती है कि संभवतः कोरोना वायरस लोगों के बीच संपर्क से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छीकने और बातचीत से इस वायरस से संक्रमण की संभावना है.

शुक्रवार को जारी हुई थी गाइडलाइल

अमेरिका में कोरोना वायरस सबसे ज्यादा है. यहां मौतों का आंकड़ा करीब 2 लाख पहुंचने वाला है. शुक्रवार को CDC ने अपनी वेबसाइट पर गाइडलाइन जारी करते हुए कहा था कि कोरोना वायरण छोटे-छोटे कण के रूप में हवा के जरिए काफी दूर तक फैल सकता है. लेकिन एजेंसी ने सोमवार को इस जानकारी को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है. वेबसाइट पर अब पुरानी गाइडलाइन देखने को मिल रही है. जिसमें बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है.

क्या है एयरबॉर्न ट्रांसमिशन

कोई भी वायरस तब एयरबॉर्न कहा जाता है जब वह हवा में जिंदा रह सकता हो और बंद कमरे में लोगों को शिकार बना सकता है. कोरोना वायरस को लेकर यही गाइडलाइन CDC ने जारी की थी. जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस एयरबॉर्न है और यह बंद कमरे में बैठे सभी लोगों को संक्रमित कर सकता है. हवा न चले तो भी यह वायरस 13 फीट तक फैलते हैं और बातचीत के दौरान संक्रमण फैला सकते हैं.

वैज्ञानिकों में है मतभेद

कोरोना वायरस के फैलने को लेकर विश्व भर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं. इस वायरस के प्रसार को लेकर स्वाथ्य विशेषज्ञों के बीच कई महीने से बहस जारी है. 30 देशों के करीब 200 वैज्ञानिक WHO को पत्र लिख कर कोरोना के एयरबॉर्न होने की बात कह चुके हैं.