कश्मीर पर मुंह की खाने के बाद अब मानवाधिकार मामले में चीन-पाक की UN में खिंचाई

कश्मीर में चीन और पाकिस्तान ने मात खाई लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र संघ में भी उन्हें अपमानित होना पड़ रहा है.

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और चीन ने मुंह की खाई लेकिन अब दोनों को एक और झटका संयुक्त राष्ट्र संघ में लगा. अमेरिका, यूके और कनाडा ने संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर की गई बैठक में पाकिस्तान और चीन को अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करने के लिए फटकार लगा दी है. संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर चर्चा के दौरान धार्मिक आज़ादी पर यूके के पीएम के विशेष प्रतिनिधि लॉर्ड अहमद ने कहा कि ब्रिटेन ने पूरी दुनिया के धार्मिक तबकों और अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाई है, फिर चाहे वो चीन में उइगुर हों या पाकिस्तान में ईसाई और अहमदी.

UN, कश्मीर पर मुंह की खाने के बाद अब मानवाधिकार मामले में चीन-पाक की UN में खिंचाई

अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिकी राजदूत सैम ब्राउनबैक ने भी फिक्र ज़ाहिर करते हुए कहा कि हम चीन सरकार के ज़रिए धार्मिक स्वतंत्रता पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों को लेकर काफी चिंतित है. उन्होंने कहा कि हम चीनी सरकार से गुज़ारिश करते हैं कि वो देश में सभी के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का आदर करें. सैम ब्राउनबैक ने इसके आगे पाकिस्तान को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक या तो गैर-राज्य तत्वों के हाथों अभियोजन से या भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं के माध्यम से पीड़ित होते रहते हैं.

UN, कश्मीर पर मुंह की खाने के बाद अब मानवाधिकार मामले में चीन-पाक की UN में खिंचाई

आपको बता दें कि चीन में उइगुर मुसलमानों के साथ भीषण अत्याचार और उनके धार्मिक स्थलों को नष्ट करने की खबरें आती रहती हैं. मानवाधिकार संगठन बताते हैं कि चीन में दस लाख से ज़्यादा उइगर नजरबंदी शिविरों में रहते हैं. उन पर लगातार नज़रें रखी जाती हैं. इससे पहले 2017 में चीन सरकार ने शिंकियांग में तथाकथित इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ अभियान चलाया था. यहां तक कि पुरुषों के लंबी दाढ़ी रखने और महिलाओं के सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने पर रोक लगा दी गई थी.