मसूद अजहर ग्लोबल टेररिस्ट घोषित, संयुक्त राष्ट्र में भारत को बड़ी सफलता

मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा रहे चीन की हर चाल नाकाम हो चुकी है, और संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अपनी कामयाबी का झंडा फहरा दिया है.

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(यूएनएससी) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया.

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव को लेकर चीन (China) ने अब नरमी के संकेत दिए हैं. चीन इससे पहले मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर रोड़े अटकाता रहा है. लेकिन अब अपने पहले के रुख के उलट चीन ने मसूद अजहर ग्लोबल आतंकवादी घोषित किया है.


चीन का यह फैसला तब आया है जब पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (Imran Khan) चीन के दौरे से वापस लौटे हैं. आपको बता दें इससे पहले चीन ने कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर अड़ंगा लगा दिया था.

फ्रांस सरकार ने मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने बाद संयुक्त राष्ट्र के फैसले का स्वागत किया है. इस मौके पर फ्रांस ने एक बयान में कहा, ‘फ्रेंच कूटनीति लगातार मसूद अजहर पर बैन लगाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन फरवरी में हुए पुलवामा हमले के बाद मसूद पर रोक लगाने की ये कोशिश और भी बढ़ गई. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रांस ने 15 मार्च को मसूद अजहर पर राष्ट्रीय तौर पर बैन भी लगाया था.’

जाहिर है कि पुलवामा समेत कई हमलों पर मसूद अजहर का हाथ था. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले में जैश का नाम सामने आने के बाद फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन चीन ने मार्च में चौथी बार इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मेरा विश्वास है कि इसका सही ढंग से समाधान निकाला जाएगा.’ स बार चीन के अड़ंगे के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने उस पर दवाब बनाया है औ इस मसले पर अन्य विकल्पों पर विचार करने की बात कही थी.