‘कोरोना के मामले में पश्चिमी देशों ने बिगाड़ी हमारी छवि’, चीन ने ग्लोबल टाइम्स में भारत पर भी लगाया आरोप

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों की धारणा में सीमा विवाद (Border Clash) और गलत तरीके से चीनी मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध (Apps Ban) के चलते हुए बदलाव से 2020 में ये छवि प्रभावित हो सकती है.

China image, ‘कोरोना के मामले में पश्चिमी देशों ने बिगाड़ी हमारी छवि’, चीन ने ग्लोबल टाइम्स में भारत पर भी लगाया आरोप

चीन (China) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है और उसकी छवि में गिरावट हुई है. ऐसे में चीन की सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने इसका ठीकरा भारत और पश्चिमी देशों के सिर पर मढ़ा है. ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में वैश्विक मामलों में देश के योगदान और चीन के विकास को लेकर छवि 2019 में बेहतर हुई.

रिपोर्ट में चीनी विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि पश्चिमी देशों के कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर दुर्भावनापूर्ण रवैये से इस साल चीन की छवि को नुकसान पहुंच सकता है.

ये भी किया दावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि सुधार की प्रवृत्ति में बदलाव नहीं होगा, क्योंकि महामारी के दौरान चीन की अंतरराष्ट्रीय मदद की कोशिशों को दुनिया मान्यता देगी.  रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने 2019 में अपनी समग्र छवि से संबंधित 10 बिन्दुओं को लेकर 6.3 स्कोर हासिल किया था, ये 2018 की तुलना में 0.1 अंक ज़्यादा था. विकासशील देशों पर चीन का बेहतर प्रभाव था, जबकि विकसित देशों ने चीन को 7.2 का स्कोर दिया.

रिपोर्ट में नेशनल इमेज ग्लोबल सर्वे की जिक्र किया गया है. सर्वे में भारत सहित 22 देशों के 11,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया. चीन उत्तरदाताओं द्वारा अमेरिका के बाद वैश्विक मामलों में दूसरे सबसे प्रभावशाली देश के रूप में चीन को देखा गया. इसके अलावा, 68 प्रतिशत विदेशी उत्तरदाताओं के पास चीन की तकनीकी क्षमता का सकारात्मक आकलन है.

दावा भारतीयों ने दिए थे अच्छे नंबर

ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि शीर्ष पांच देशों जिनके उत्तरदाताओं में चीन की सबसे अच्छी छाप है, वे मेक्सिको (7.8 अंक), सऊदी अरब (7.6 अंक), इंडोनेशिया (7.4 अंक), रूस (7.4 अंक) और भारत (7.4 अंक) हैं.

पश्चिमी देशों की महामारी के दौरान चीन की दुर्भावनापूर्ण बदनामी के कारण 2020 की रिपोर्ट में चीन की संभावित गिरावट को लेकर चेतावनी दी गई. रिपोर्ट में पश्चिमी देशों के साथ ही भारत पर भी दोष लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों की धारणा में सीमा विवाद और गलत तरीके से चीनी मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध के चलते हुए बदलाव से 2020 में ये छवि प्रभावित हो सकती है.

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