Coronavirus के बीच चीन ने भारत से 3 गुना ज्यादा रखा डिफेंस बजट, 2 मिलियन कम देगा जॉब्स

बीजिंग (Beijing) के ग्रेट हॉल में चीन (China) के वार्षिक संसद सत्र की शुरुआता हुई. इस सत्र में पांच प्वाइंट्स पर एजेंडा तय किया गया है, जिसमें कि कोरोना पर जीत, हांगकांग पर नियंत्रण, GDP का कोई नया लक्ष्य नहीं, रक्षा बजट में बढ़ोतरी और अर्थव्यवस्था.
China puts defense budget 3 times more than India, Coronavirus के बीच चीन ने भारत से 3 गुना ज्यादा रखा डिफेंस बजट, 2 मिलियन कम देगा जॉब्स

कोरोनावायरस (Coronavirus) के बीच शुक्रवार को बीजिंग (Beijing) के ग्रेट हॉल में चीन (China) के वार्षिक संसद सत्र की शुरुआता हुई. इस सत्र में पांच प्वाइंट्स पर एजेंडा तय किया गया है, जिसमें कि कोरोना पर जीत, हांगकांग पर नियंत्रण, GDP का कोई नया लक्ष्य नहीं, रक्षा बजट में बढ़ोतरी और अर्थव्यवस्था.

Covid-19 संकट के कारण शिखर सम्मेलन दो महीने देर से हो रहा है, क्योंकि यह पहले मार्च में निर्धारित किया गया था. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी आम तौर पर इस बैठक में साल भर का एजेंडा तय करती है.

30 साल में पहली बार GDP का कोई लक्ष्य नहीं

साल 1990 से चीन ने आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को सार्वजनिक करना शुरू किया था. इन 30 सालों में यह पहली बार है जब चीन विकास दर का कोई लक्ष्य तय नहीं करेगा. चीन के प्रीमियर यानि प्रधानमंत्री ली केकियांग (Premier Li Keqiang) ने संसद में अपनी रिपोर्ट में कहा, “मैं इस बात को बताना चाहता हूं कि हमने इस साल आर्थिक विकास के लिए कोई खास लक्ष्य नहीं रखा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि Covid-19 महामारी के चलते पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता के कारण इसके विकास में भविष्यवाणी करना मुश्किल है.”

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विस्तारवादी नीति से हांगकांग पर नियंत्रण

चीन का अन्य एजेंडा हांगकांग के लिए नए सुरक्षा कानून के माध्यम से अपनी विस्तारवादी नीति को आगे बढ़ाना है. इस कानून के पास हो जाने के बाद हांगकांग पर चीन का नियंत्रण मजबूत हो जाएगा और यह सरकार विरोधी आवाजों को भी आसानी से दबा देगा. इस बैठक में ताइवान पर को भी एक संदेश दिया गया. ली केकियांग के भाषण में स्पष्ट रूप से चीन के विस्तारवादी एजेंडे में कहा गया है कि वह हांगकांग और ताइवान की स्वायत्तता को छीनना चाहता है और इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग करने से नहीं कतराएगा.

भारत से तीन गुना रक्षा बजट

इस बैठक से जो चौथा महत्वपूर्ण एजेंडा उभर कर आया वह यह है कि डूबती अर्थव्यवस्था के बीच चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया है. अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च वाले चीन ने अपने रक्षा बजट को 6.6 प्रतिशत बढ़ाकर 179 बिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया, जो भारत का लगभग तीन गुना है.

‘पिछले साल से 2 मिलियन कम नौकरियां’

अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर चीन की सरकार ने पिछले साल 11 मिलियन की तुलना में इस साल 9 मिलियन नए शहरी रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है. पिछले साल 5.5 प्रतिशत की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत की शहरी बेरोजगारी दर है. इसका मतलब है कि कम्युनिस्ट राष्ट्र इस साल 2 मिलियन कम नौकरियां पैदा करेगा.

ऐसा माना जा रहा है कि ये सभी घोषणाएं केवल यह संदेश देने के लिए हैं कि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी सर्व-शक्तिशाली है और COVID-19 पर चीन ने पूरी तरह से जीत हासिल कर ली है. यहां बता दें कि पिछले दो हफ्तों में चीन के कई अलग-अलग शहरों में Covid-19 के लगभग 46 नए मामले सामने आए हैं.

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