चीन ने बारबाडोस पर बढ़ाया दबाव, ब्रिटेन ने ड्रैगन के विस्तारवाद के खिलाफ खोला मोर्चा

गरीब और छोटे आइलैंड को चीन के चंगुल में फंसते देख ब्रिटेन ने बीजिंग के विस्तारवाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कूटनीतिज्ञों को चीन के विस्तारवाद के खिलाफ अभियान छेड़ने को कहा है.

चीन ने कैरेबियाई बारबाडोस (Barbados) पर दबाव बढ़ा दिया है कि ब्रिटेन की रानी को देश के संवैधानिक प्रमुख की मानद उपाधि से हटा दिया जाए. यह देश चीन के बेल्ड एंड रोड पहल में शामिल है, जिसके तहत चीन ने गरीब देशों को बंदरगाह और हाई स्पीड रेल लाइन्स जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट के लिए बड़ी मात्रा में लोन दिया है.

अमेरिका ने ब्रिटेन (Britain) के साथ खुफिया रिपोर्ट साझा करते हुए बताया है कि इसके लिए किस तरह चीन (China) बारबाडोस पर दबाव डाल रहा है. विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन टॉम टूंगेनधत ने कहा है इस घटना से पता चलता है कि चीन किस तरह नए देशों को कर्ज नीति में फंसाकर अपने मुताबिक चलाना चाहता है.

ये भी पढ़ें- थैंक्यू पीएम मोदी! UNGA में कोरोना वैक्सीन के वादे की WHO प्रमुख ने की तारीफ

गरीब और छोटे आइलैंड को चीन के चंगुल में फंसते देख ब्रिटेन ने बीजिंग के विस्तारवाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कूटनीतिज्ञों को चीन के विस्तारवाद के खिलाफ अभियान छेड़ने को कहा है. बोरिस जॉनसन ने आशंका जाहिर की है कि कोरोना महामारी के दौर में आर्थिक मंदी की वजह से चीन के कई कर्जदार देश इस चंगुल में फंस जाएंगे.

बता दें कि पिछले हफ्ते बारबाडोस ने घोषणा की थी कि करीब 400 सालों के बाद ग्रेट ब्रिटेन के सम्राटों का उन पर शासन नहीं होगा. हालांकि, ब्रिटेन का कहना है कि संवैधानिक रूप से बारबाडोस की राज्य प्रमुख क्वीन एलिजाबेथ ने 3 लाख नागरिकों पर कभी अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया है.

ये भी पढ़ें- अमेरिका ने चीनी टेक्नोलॉजी वाली सबसे बड़ी चिप निर्माता कपंनी के निर्यात पर लगाई रोक

Related Posts