UN में कश्मीर मुद्दे पर चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ तो भारत के समर्थन में रूस ने दोनों को फटकारा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बैठक के दौरान क्या बात हुई, पाकिस्तान ने इस दौरान क्या किया और UN में भारतीय राजदूत ने क्या कहा. जानें सिर्फ 10 पॉइंट्स में.

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद भौखलाए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने ये मसला उठाया. दुनियाभर के देशों से मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान का साथ दिया चीन ने, जिसने इस मुद्दे को सुरक्षा परिषद के सामने बंद कमरे में चर्चा के लिए रखा. इस चर्चा के दौरान क्या बातचीत हुई जानें 10 पॉइंट्स में.

  • UNSC में कश्मीर को लेकर चीन ने पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाए वहीं रूस ने दोनों देशों को फटकारते हुए भारत के पक्ष में आवाज बुलंद की.
  • रूस ने कश्मीर मसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को साफ किया कि ये मसला सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है.
  • वहीं पाकिस्तान के समर्थन में आवाज उठाने वाले चीन ने कहा कि कश्मीर में हालात चिंताजनक हैं. चीन ने कहा है कि कोई पक्ष एकतरफा कार्रवाई न करे. ऐसी एकतरफा कार्रवाई वैध नहीं है.
  • संयुक्त राष्ट्र में बैठक के इतर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टेलीफोन पर 20 मिनट लंबी बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कश्मीर मसले को लेकर ट्रंप से बात की.
  • इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति को विश्वास में लिया, जिसमें कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की गई.
  • संयुक्त राष्ट्र में बैठक के बाद UN में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद UN में भारत के राजदूत अकबरुद्दीन ने कहा कि कश्मीर पर दूसरे पक्ष को दखल देने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि 370 हटाना हमारा आंतरिक मामला है.
  • UN में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि कश्मीर पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है. उन्होंने कहा कि जेहाद की बात करते हुए पाकिस्तान हिसां फैला रहा है.
  • उन्होंने साफ किया कि हमारे फैसलों का असर किसी और देश पर नहीं पड़ा. अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हम आज भी शिमला समझौते पर अडिग हैं.
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब देते हुए भारत के राजदूत ने साफ किया कि लोकतंत्र में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है. पाकिस्तान से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर वह आतंक को खत्म करते हैं तो हम बात करने के लिए तैयार हैं.

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