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क्‍या ताइवान पर अटैक करेगा चीन या बस ऐसे ही धमकियां दे रहा है? पढ़ें ड्रैगन का पूरा गेम प्‍लान

बीजिंग ताइवान को चीन का हिस्सा बताता है और अमेरिका के ताइवान के साथ संबंधों को एक चीन नीति का उल्लंघन बताता है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:49 pm, Sun, 18 October 20
चीन PLA एयरफोर्स प्रतिकात्मक तस्वीर

ताइवान पर दबाव बनाने के लिए चीन नई-नई तरकीबें अपना रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के ये कदम स्व शासति ताइवान पर सिर्फ दबाव बनाना चाहता है, न कि उसे युद्ध के लिए उकसाना. इन कदमों में हाल ही में ताइवान स्ट्रेट के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा किया गया एक सैन्य अभ्यास भी शामिल है.

इस सैन्य अभ्यास में ताइवान की “डबल टेंथ” छुट्टी के दौरान एक द्वीप पर आक्रमण का ड्रिल भी शामिल है, जिसमें एक द्वीप को जीतने के उद्देश्य से हमले की लैंडिंग ड्रिल भी की गई थी. पिछले महीने चीनी लड़ाकू और बमवर्षक विमान ताइवान स्ट्रेट की मीडियन लाइन को पार करते हुए द्वीप के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन तक पहुंच गए थे. ताइवान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ऐसी घटनाएं पिछले महीने लगभग रोज ही हो रही थीं.

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चीन की इस रणनीति में तब बदलाव आया जब ताइवान और अमेरिका की नजदीकियां बढ़ने लगीं. खासकर तब जब अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव एलेक्स अजर ने अगस्त में द्वीप का दौरा किया. पिछले 41 दिनों में ताइवान आने वाले वो अमेरिका के पहले वरिष्ठ अधिकारी थे और इस यात्रा को चीन ने उसके मूल हितों का उल्लंघन बताया था.

बीजिंग ताइवान को चीन का हिस्सा बताता है और अमेरिका के ताइवान के साथ संबंधों को एक चीन नीति का उल्लंघन बताता है. अमेरिकी थिंक टैंक के एक वरिष्ठ रक्षा विश्लेषक डेरेक ग्रॉसमैन का कहना है कि ताइवानी नेताओं को भड़काने और निर्णय लेने और प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया को जटिल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर चीन की सैन्य गतिविधियों को डिजाइन किया गया है.

उन्होंने कहा, “बीजिंग के दृष्टिकोण से, ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की एक नई सामान्य स्थिति बनाने के लिए यह काफी फायदेमंद है और इस तरह से आगे बढ़ने की बहुत संभावना हैं क्योंकि इससे ताइवान को वास्तविक युद्ध की शुरुआत के लिए कदम कब उठाना है ये समझने में मुश्किल होगी.”

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